भिवानी में लक्षचंडी महायज्ञ के बाद दक्षिणा में पंडितों को पुराने नोट बांटने का मामला राष्ट्रपति तक पहुंच गया है। नाराज पंडितों ने राष्ट्रपति, राज्य के डीजीपी आदि को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
इन लोगों ने आयोजकों पर गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पंड़ितों ने मथुरा की सांसद हेमामालिनी को संबोधित ज्ञापन की प्रति यूपी व दिल्ली के मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी भेजी है।
12 दिसंबर को समाप्त हुए नौ दिवसीय लक्षचंडी महायज्ञ के बाद देशभर से आए करीब दो हजार पंडितों को दक्षिणा में साढ़े तीन-तीन हजार रुपये दिए गए थे। पंडितों को पांच-पांच सौ और एक-एक हजार के पुराने नोट दिए गए। इस पर पंडितों ने नाराजगी जताई।
अब पंडितों ने राष्ट्रपति, डीजीपी हरियाणा को पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि महायज्ञ में मथुरा, वृंदावन, बनारस, झांसी, ग्वालियर से करीब 21 सौ पंड़ितों को बुलाया गया था। आयोजन के बाद पुराने बंद किए गए पांच-पांच सौ और एक-एक हजार के नोट बांटे गए। जब इसका विरोध किया तो उनके साथ बदसलूकी की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। पंडितों ने शिकायत में बताया कि उनका अपमान किया गया है। पंडित अजीत शास्त्री, शशांक मिश्रा ने बताया कि आयोजकों ने पंडितों को अपमानित किया। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायत में पंडित गौरव शर्मा, अनुज, रूपेश मिश्र, बालकृष्ण शर्मा ने भी हस्ताक्षर किए।