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कागजों में रैबिज मुक्त हुआ भिवानी

Fri, 15 Jul 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रतीकात्‍मक इमेज - फोटो : Getty
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भिवानी जिला रैबिज मुक्त हो गया है यानी कोई भी आवारा कुत्ता अगर किसी को काट ले तो उसे रैबिज बीमारी नहीं होगी। यह हम नहीं कह रहे पशुपालन विभाग की रिपोर्ट बता रही है। रिपोर्ट के अनुसार एनजीओ ह्यूमन सोशल ऑफ इंटरनेशनल के सदस्यों ने जिलेभर के आवारा कुत्तों को एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगा दिए है। पशुपालन विभाग ने बुधवार को उपायुक्त को दी रिपोर्ट में बताया कि करीब 31 हजार कुत्तों को एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाए गए है। हकीकत कुछ जुदा है। शहर की अनेक कॉलोनियों में एनजीओ सदस्य नहीं पहुंचे तो अनेक गांव भी ऐसे है जहां आवारा कुत्तों को एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाने के लिए कोई नहीं पहुंचा।
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आवारा कुत्ते हमेशा ही आमजन के लिए परेशानी बने रहे है। चाहे शहरी क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद  पिछले वर्ष पशुपालन विभाग ने एनजीओ ह्यूमन सोशल ऑफ इंटरनेशनल के साथ मिलकर आवारा कुत्तों को एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाने के लिए अभियान छेड़ा। ट्रायल आधार पर प्रथम चरण में भिवानी समेत छह जिलों को चुना गया। पिछले वर्ष अभियान की शुरूआत हुई। अब पशुपालन विभाग की ओर से बुधवार को उपायुक्त कार्यालय को इस अभियान की रिपोर्ट दी। जिसमें बताया गया है कि जिले के सभी गलियों में घूमने वाले आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगा दिए गए है। यानी जिले में मौजूद कुत्तों में से 80 फीसदी कुत्तों को इंजेक्शन लगाए गए है। 20 प्रतिशत में पालतु कुत्ते आते है या फिर ऐसे जो किसी कारण पकड़े नहीं गए।

अनेक कॉलोनियों में नहीं पहुंचे इंजेक्शन लगाने वाले
भले ही पशुपालन विभाग ने भिवानी जिले को एंटी रैबिज मुक्त घोषित कर दिया हो मगर जमीनी हकीकत कुछ और है। शहर की हरेक गली में आवारा कुत्तों की भरमार है मगर अनेक कॉलोनियों में किसी भी कुत्ते को एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं लगे। शहर के घंटाघर चौक,  सामान्य अस्पताल, बावड़ी गेट, दादरी गेट, हनुमान गेट, सब्जीमंडी के पास, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि  क्षेत्रों में कुत्तों की भरमार है। मगर यहां रहने वाले लोगों, दुकानदारों ने किसी भी एनजीओ सदस्य को यहां कुत्तों को पकड़कर एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाते नहीं देखा। साथ ही एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के बाद कुत्ते को लाल निशान लगाया जाता है जो अधिकतर कुत्तों पर नहीं है। ऐसे में कैसे भिवानी जिला एंटी रैबिज मुक्त हो गया कहना मुश्किल है।
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अब चलेगा नसबंदी, नलबंदी अभियान
आवारा कुत्तों पर नियंत्रण अभियान के प्रथम चरण में एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने के बाद अब नसबंदी, नलबंदी अभियान चलेगा। अभियान की शुरूआत कब होगी यह कहना तो मुश्किल है मगर छह जिलों के बाद अन्य जिलों एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाने का अभियान चलेगा और उसके बाद नसबंदी व नलबंदी अभियान। इसमें सालभर का समय लगना लगभग तय है।

जिले में 80 प्रतिशत कुत्ते गलियों में घूमने वाला आवारा कुत्ते है। ह्यूमन सोशल ऑफ इंटरनेशनल की टीम ने इन सब कुत्तों को एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगाए है। इसकी रिपोर्ट भी दी है और वीडियोग्राफी भी है। हम भिवानी को रैबिज मुक्त कह सकते है।
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डॉ. जय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग
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