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पालुवास स्कूल में हंगामा, ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला

Wed, 25 Jan 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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file image - फोटो : अमर उजाला
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भिवानी के पालुवास गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने स्कूल को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि स्कूल में पढ़ाई नहीं हो रही, शिक्षक आपस में गुटबाजी में लिप्त हैं और यह स्कूल अपग्रेड हो चुका है, बावजूद इसके प्रिंसिपल की नियुक्ति नहीं की जा रही। वहीं हेड टीचर ने ग्रामीणों पर उनके व स्टाफ के साथ मारपीट करने, बच्चों से मारपीट करने, एक शिक्षिका से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। पुलिस ने हेड टीचर की शिकायत पर छह-सात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। तहसीलदार व जिला शिक्षा अधिकारी ने डीडी पावर एक सीनियर लेक्चरर को देकर ग्रामीणों को शांत किया और ताला खुलवाया।
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मामला बुधवार सुबह करीब का है। प्रिंसिपल की नियुक्ति की मांग, स्कूल में पढ़ाई नहीं होने, स्टाफ द्वारा धूम्रपान करने की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ताला जड़ दिया। इस बात पर काफी हंगामा हुआ। स्टाफ व ग्रामीणों में धक्कामुक्की भी हुई तो बच्चे भी चपेट में आए। करीब तीन-चार बच्चों को हलकी चोट आई। मुख्य अध्यापिका कमलेश का भी चश्मा टूट गया। हंगामे की सूचना के बाद तहसीलदार सुरेश, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी एस. महता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और डीडी पॉवर स्कूल के एक सीनियर लेक्चरर को देकर मामला शांत किया। डीडी पावर बदले जाने के बाद ही ग्रामीण ताला खोलने को तैयार हुए।

स्टाफ ने डीसी से पूरी जांच की मांग की
विवाद के बाद स्कूल स्टाफ के लेक्चरर ने उपायुक्त को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच व आरोपी कुछ ग्रामीणों पर कार्रवाई की मांग की। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि ग्रामीण सुबह पहले ही ताला बंद कर खड़े थे। वहां पहुंचे बच्चों को धक्का मारकर खदेड़ने लगे तो कुछ बच्चों ने विरोध किया। इसके बाद धक्कामुक्की हुई। स्टाफ बच्चों को छुड़वाने गया तो उनके साथ भी धक्कामुक्की गई।
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स्टाफ व बच्चों से से मारपीट, अभद्र व्यवहार
स्कूल की मुख्य अध्यापिका कमलेश ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने सुबह ही ताला बंद कर दिया और बच्चों को स्कूल में नहीं जाने दिया। बच्चों को जबरन घर भगाने का प्रयास किया तो धक्का मुक्की हुई। वह और स्टाफ बीच-बचाव करने लगा तो उन्हें भी धक्के मारे और मारपीट की। महिला शिक्षिका से अभद्र व्यवहार किया। यह सब राजनीतिक द्वेष के कारण किया गया। विवाद करने वालों के बच्चे इस स्कूल में नहीं पढ़ते। यह सब एक शिक्षक को सस्पेंड किया गया है। इसी कारण यह सब किया जा रहा है। उसने सुबह मदद के लिए अपने सीनियर अधिकारियों को फोन भी किया मगर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद वह डीसी कैंप ऑफिस पहुंची। उसके बाद ही तहसीलदार व जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे।

नहीं हो रही प्रिंसिपल की नियुक्ति
सरपंच सुनीता देवी ने बताया कि दो साल पहले स्कूल अपग्रेड हो चुका है और यहां प्रिंसिपल लगाया जाना है मगर यहां मुख्य अध्यापिका से काम करवाया जा रहा है। यहां बच्चों की पढ़ाई कम आपसी गुटबाजी ज्यादा हो रही है। प्रिंसिपल की नियुक्ति की मांग को लेकर ही ताला लगाया गया था। अब जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया गया है और डीडी पावर किसी अन्य लेक्चरर को दी गई है।


बच्चों को नहीं पढ़ाने व पार्टीबाजी करने की थी शिकायत
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ द्वारा पढ़ाई नहीं करवाने, धूम्रपान करने, पार्टीबाजी करने की शिकायत की है। यह स्कूल अपग्रेड हो चुका है और यहां प्रिंसिपल की नियुक्ति की जानी है। उनके सामने कोई मारपीट नहीं हुई। डीडी पावर मुख्य अध्यापिका की बजाए किसी अन्य लेक्चरर को दी गई है।

सरपंच पति समेत पांच-छह पर मामला दर्ज
स्कूल की मुख्य अध्यापिका कमलेश ने मारपीट, अभद्र व्यवहार करने, मारपीट के आरोप लगाए है। सरपंच पति समेत पांच-छह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।
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- धर्म सिंह, जांच अधिकारी, सदर थाना
 
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