भिवानी शहर के पुराना बस स्टैंड के पास स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने स्टाफ सदस्यों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बाद में लोगों के समझाने पर परिजन माने और बच्चे को गांव में दफनाया गया। बच्चे की माता को शहर के एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
बापोड़ा वासी महिला ऋतु को डिलीवरी के लिए पुराना बस स्टैंड स्थित एक निजी अस्पताल में देर रात भर्ती करवाया गया था। सुबह करीब पांच बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया। मगर नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत पर परिजनों ने स्टाफ सदस्यों पर लापरवाही के आरोप लगाया। हंगामा होता उससे पहले ही पुलिस को बुला लिया गया। कुछ अन्य प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक भी पहुंचे। परिजनों को बच्चे की मौत के बारे में समझाया गया। जिसके बाद परिजन शांत हुए। मृत बच्चे को गांव में दफनाया गया तो महिला को उपचार के लिए एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने बताया कि परिजनों के मन में कुछ संशय था। जो बातचीत के माध्यम से दूर कर दिया गया। कोई विवाद नहीं।
सामान्य अस्पताल में दौड़ लगाती रही पुलिस
प्राइवेट अस्पताल में बच्चे की मौत और परिजनों के हंगामे की सूचना पर पुलिस सामान्य अस्पताल में दौड़ लगाती रही। सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में जाकर पूछताछ की कि हंगामा कौन कर रहे है। वहां चिकित्सक ने बताया कि यहां कुछ नहीं हुआ और कोई शिकायत नहीं की गई है।