भिवानी में पिछले तीन दिन से बैंकों में नगदी नहीं आने के कारण बुधवार को सभी बैंकों, एटीएम में नगदी पूरी तरह खत्म हो गई। बैंक-एटीएम के बाहर सुबह नौ बजे भी लोग लाइनों में दिखे तो रात नौ बजे भी एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतार लगी। इतनी जद्दोजहद के बावजूद भी बड़ी संख्या में लोगों को निराश घरों को लौटना पड़ा।
पिछले तीन दिनों से किसी भी बैंक में कैश नहीं आया है। तीन दिन पहले अधिकतर एटीएम में नगदी डाली गई थी। मंगलवार को ही अधिकतर एटीएम खाली हो गए थे और बैंकों में भी बहुत कम राशि बची। बुधवार सुबह भी लोगों की भारी भीड़ एटीएम और बैंकों में उमड़ी। कुछेक एटीएम में नगदी थी वह भी दोपहर तक खत्म हो गई। बैंकों में भी बहुत कम नगदी थी। किसी में दोपहर के समय तो किसी में शाम आते-आते नगदी खत्म हो गई। नगदी खत्म होने के बाद लाइनों में खड़े लोगों में हड़कंप मच गया। अनेक लोग तो नगदी आने की आस में काफी समय तक बैंकों, एटीएम के बाहर लाइन में लगे रहे। दिनभर में विभिन्न बैंकों में करीब छह करोड़ की राशि उपभोक्ताओं में बांटी गई वहीं उपभोक्ताओं द्वारा करीब 30 करोड़ के पुराने नोट बैंकों में जमा करवाये गए।
बैंकों और एटीएम में नगदी खत्म हो गई है। बुधवार को छह करोड़ के करीब राशि उपभोक्ताओं को दी गई है। बृहस्पतिवार को करीब 10 करोड़ की नगदी आने की उम्मीद है। अब मुख्य फोक कैशलेस योजना के विभिन्न संशाधनों स्मार्ट मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग, पेटीएम, यूपीआई के माध्यम से पेमेंट के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
कुलजीत सिंह, अग्रणी बैंक प्रबंधक
अब कैशलैस योजना पर फोकस
कैश कम आने के कारण अब कैशलैस योजना पर फोकस किया जा रहा है। बुधवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
उपायुक्त पंकज की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में अग्रणी बैंक प्रबंधक कुलजीत सिंह ने बताया कि कोई भी विभागीय अधिकारी व आम नागरिक अपने स्मार्ट मोबाइल फोन, इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटर पर और डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड द्वारा स्वाइप मशीन से भुगतान कर सकता है। उन्होंने बताया कि पेटीएम के द्वारा भी बिना नकदी का प्रयोग किए किसी कंपनी को या दुकानदार को कैश का भुगतान किया जा सकता है। इसी प्रकार एक नया एप यूपीआई शुरू किया गया है। जिसमें केवल उपभोक्ता का नाम और बैंक का नाम ईमेल आईडी के रूप में प्रयोग किया जाता है और सीधे उसी के खाते में नकदी का भुगतान किया जा सकता है। कार्यशाला में बैंक प्रशिक्षक कृष्ण कुमार ने भी नेट बैकिंग के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त धीरेन्द्र खड़गटा के अलावा एसडीएम, सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।