करीब दो माह पहले बंगाल की खाड़ी में लापता हुए एएन-32 विमान में सवार एयरफोर्स के अधिकारी व सैनिकों के मृत घोषित किए जाने के वायु सेना के निर्णय से फ्लाइंग ऑफिसर दीपिका के परिजन सहमत नहीं हैं। दीपिका के पिता ने सवाल पूछा कि बिना किसी ठोस आधार के कैसे मृत घोषित किया जा सकता है, जबकि मां का कहना है कि सरकार अपनी नाकामी को छुपा रही है। परिजनों ने उम्मीद जताई कि दीपिका जिंदा है और जल्द वापस लौटेगी।
वायुसेना का विमान एएन-32 22 जुलाई को लापता हो गया था। विमान ने चेन्नई हवाई अड्डे से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरी थी। समुद्र के ऊपर उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान गायब हो गया था। विमान में 29 लोग सवार थे। यात्रियों के परिजनों को लिखे वायुसेना के खत के मुताबिक, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने जांच एवं बचाव कार्य के नतीजों और परिस्थितियों को देखते हुए यह मान लिया है कि विमान पर सवार लोगों के बचे होने की संभावना शेष नहीं हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग में एक्सईएन दलीप सिंह की बेटी फ्लाइंग ऑफिसर दीपिका भी सवार थी। विमान में सवार सभी को मृत मान लेने का वायु सेना का निर्णय पर परिजनों ने नाराजगी जताई, कहा कि बिना किसी आधार के यह निर्णय सही नहीं है। वायुसेना को यदि प्लेन के टुकड़े मिले हो या कोई और सबूत मिला हों, जिससे यह कहा जा सके कि सभी सवार मृत हो चुके हैं। परिजनों का कहना है कि सरकार का कहना था कि अमेरिका से मदद लेकर खोजबीन की जाएगी। दो महीने बीतने को हैं, मगर अभी तक लापता विमान को नहीं खोजा जा सका है। परिजन पहले ही
परेशान थे और अब उन्हें मृत घोषित कर परेशानी खड़ी कर दी है।
दलीप सिंह ने बताया कि हमने विभिन्न ज्योतिषाचार्य से बात की है और सभी का कहना है कि दीपिका जीवित है। सही सलामत है। वह घर लौटेगी। दीपिका की माता प्रेमलता ने बताया कि घर में लगातार अखंड ज्योत जल रही है और हमें उम्मीद है कि दीपिका सुरक्षित घर लौटेगी। सरकार प्लेन खोजने में में नाकाम रही है और अपनी नाकामी छुपाने के लिए यह सब कहा जा रहा है।