भिवानी के गांव मिताथल व चांग के खेतों से होकर गुजरने वाली ढा़णी हरिसिंह माइनर पिछले दो दिन में दो बार टूटने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। किसान माइनर टूटने की सूचना अधिकारियों को देने के लिए फोन करते रहे लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए। किसानों ने मौके पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके अपना रोष जाहिर किया। अपनी फसल बर्बाद होती देख किसानों से अपने खर्चे पर जेसीबी की सहायता से माइनर को पाटा, इसके बाद पानी शुरू होने के बाद एक बार फिर माइनर टूट गई ।
किसान हमीर, मुन्ना जांगड़ा, जयदीप, जयबीर, रमेश, कालू, सोनू, शक्ति, अशोक आदि ने बताया कि गन्ने व धान की फसल बिना पानी के बर्बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महिने से पानी की बाट देख रहे थे, माइनर में पानी तो आया लेकिन माइनर टूटने की वजह से फसलों को पानी नहीं मिल सका। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से माइनर बार-बार टूट रही है जिसे किसान अपने खर्चे पर पाट रहे है। किसानों ने बताया कि मंगलवार देर रात माइनर टूट गई। टूटने की सूचना देने के लिए विभाग के कर्मचारियों व उच्च अधिकारियों को फोन करते रहे लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया।
माइनर टूटने से सात गांव की हजारों एकड़ फसल बर्बादी के कगार पर
गांव चांग, मिताथल, गुजरानी, ढाणी हरिसिंह, ढाणी हरसुख, कालुवास गुजरानी सहित करीब सात गांव के हजारों एकड़ में खड़ी गन्ने व धान की फसल माइनर टूटने की वजह से बर्बाद होने की कगार पर है। किसानों ने बताया कि यह माइनर एक सप्ताह ही चलती है, जिसमें से आधे से ज्यादा समय टूटी रहती है। माइनर के भरोसे खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।