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मिलों पर 21 लाख का ठोंका जुर्माना

Sun, 17 Jul 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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भिवानी के चरखी दादरी में मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की टीम ने चार दिन बंद कमरे में चले मंथन के बाद  जांच प्रक्रिया शुक्रवार देर शाम पूरी कर ली। जांच प्रक्रिया के दौरान मिल  संचालकों की अनियमितताओं पर मंथन के बाद इन पर चंडीगढ़ से आई टीम ने भारी  भरकत जुर्माना ठोंका। जुर्माने के तहत चार मिल संचालकों से करीब 21 लाख 57  रुपये जुर्माना वसूला गया। इनमें करीब 14 लाख रुपये मार्केट फीस व साल लाख  से अधिक की जुर्माना राशि शामिल है। जुर्माना राशि की अदायगी के बाद टीम वापिस लौट गई। वहीं, मामले स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भी कहीं न कहीं लापरवाही की बात सामने आई है। ऐसे में स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी भी  लपेटे में आने की संभावना जताई जा रही है।
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शहर व आस-पास के क्षेत्र स्थित ऑयल मिलों में  सरकारी टैक्स चोरी का खेल लंबे समय से चल रहा था। चंडीगढ़ से आई मुख्य  प्रशासक की टीम का इन पर भारी-भरकम जुर्माना ठोंकना इसका पुख्ता सबूत है।  अंदर खाते चल रहे मिलीभगत के खेल की शिकायत चंडीगढ़ उच्चाधिकारियों को  पिछले कुछ समय से मिल रही थी। प्रदेशभर के आलाअधिकारियों के साथ बोर्ड के  मुख्य प्रशासक का खुद छापेमारी करने के पीछे अधिकारियों व कर्मचारियों के  मिल संचालकों का साथ देने के कयास भी लगाए जा रहे है। गत मंगलवार सुबह की  गई कार्रवाई में टीम को भारी गड़बड़िया मिल के स्टॉक व रिकार्ड में मिली।  इसके बाद इन मिलों को सील कर मामले की बंद कमरे में चार दिन तक जांच चली।  मुख्यप्रशासक की टीम में टीम में जेडएमईओ हिसार मंडल निहाल सिंह गोदारा,  जेडएमईओ रोहतक मंडल सुनील शर्मा, डीएमईओ करनाल सौरभी चौधरी, डीएमईओ भिवानी  शैलेश वर्मा के अलावा आधा दर्जन अन्य अधिकारी भी शामिल थे।

कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी मिलों में हो रही सरसों स्टॉक
स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के कयास लगाने के पीछे कई कारण है।  सबसे अहम बात तो ये है कि जिन मिलों में गड़बड़िया पाई गई है वो मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय से महज एक से डेढ़ किलोमीटर दूर ही है। बावजूद इसके इतनी  मात्रा में वहां सरसों स्टॉक करना अधिकारियों से कैसे छिपा रह सकता है। यहां तक कि मिलों पर कर्मचारी भी तैनात किए गए थे, इसके बाद भी जितना स्टॉक वहां मिला है वो खुद कर्मचारियों की संलिप्तता की और इशारा कर रहा है।  दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि मुख्य प्रशासक की टीम के वहां पहुंचने से  पहले ही मिल संचालक वहां से गायब भी हो गए थे। इसका मतलब स्पष्ट है कि टीम  के आने से ठीक पहले छापेमारी की सूचना उनके कानों में पड़ गई थी।
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चार दिन लगातार खंगाला गया रिकार्ड
क्षेत्र की मिलों में इतनी बड़ी कार्रवाई पहली दफा हुई। इस दौरान मिली खामियों की जांच भी खासी लंबी चली। सूत्रों की मानें तो चंडीगढ़ से क्षेत्र में आई टीम पहली दफा चार दिन दादरी में रुकी है। इस दौरान टीम ने सबसे पहले मिलों के गेट रजिस्टर, एम फार्म (मार्केट फीस रजिस्टर), एलएल फार्म (मिलों में बाहर से आने वाले सामान का रजिस्टर), स्टॉक रजिस्टर, बिल फाइल, धर्मकांटे के तोल की रसीदें, मिल संचालकों के अकाउंट के साथ साथ अन्य कई रिकॉर्ड की भी जांच की।

मिलों में पाई गई अनियमितताओं पर मिल संचालकों से करीब 14 लाख मार्केट फीस और सात लाख रुपये जुर्माना राशि वसूली गई है। इनकी अदायगी के बाद मिलों से सील हटा दी गई है।
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निहाल सिंह गोदारा, जेडएमईओ, हिसार मंडल
 
 मिलों से मार्केट फीस व जुर्मानी की वसूली
मिल का नाम                                  मार्केट फीस                       जुर्माना
मकड़ानिया ग्रुप गम एंड कैमिकल             420870                          210435
ओपी कॉटन एंड ऑयल मिल                 548412                          274206
लक्ष्मी ऑयल एंड जिनिंग फैक्ट्री              99480                           49740
श्रीकृष्णा कॉटन एंड ऑयल मिल             331276                          165638
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