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मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय का जांचा रिकार्ड

Thu, 14 Jul 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रिकार्ड - फोटो : demo pic
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‌भिवानी के चरखी दादरी में मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की अगुवाई में क्षेत्र की ऑयल मिलों में की गई छापेमारी के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आने पर टीम ने दूसरे दिन भी डेरा डाले रखा। दूसरे दिन टीम ने स्थानीय मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय का रिकार्ड जांचा। इस कारण से कार्यालय के कर्मचारियों के दिनभर पसीने छूटे रहे। इस मसले पर स्थानीय अधिकारियों ने दूसरे दिन भी चुप्पी साधे रखी और उच्चाधिकारियों को रिकार्ड दिखाने में ही मशगूल नजर आए। उच्चाधिकारियों की गंभीरता और कर्मचारियों में अफरा-तफरी अब कही न कहीं मिल संचालकों के साथ मिलीभगत के आसार भी जता रही है। सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक टीम को मिल्स से अधिक गड़बड़झाला अलग-अलग जगहों पर स्थित विभिन्न गोदामों में मिल सकता है। बशर्तें इसके लिए पूरी रणनीति के तहत दबिश दी जाएं।

मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन की अगुवाई में मंगलवार को चिड़िया रोड़ स्थित तीन मिल्स पर स्थानीय प्रशासन के साथ करीब दस सदस्यीय टीम ने छापेमारी की थी। इस दौरान यहां दो मिलों में भारी अनियमितताएं सामने आई थी। मिल्स के स्टॉक व रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर मुख्य प्रशासक ने इसे गंभीरता से लेते हुए 22 जुलाई तक का समय रिकार्ड प्रस्तुत करने के लिए मिल संचालकों को दिया था। वहीं, देर रात दोनों मिल को भी प्रशासन ने सील कर दिया था। बुधवार दिनभर भी मिल्स पर ताला लटका नजर आया और मार्केटिंग बोर्ड के उच्चाधिकारियों की टीम दिनभर नई अनाज मंडी स्थित मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में डटी रही। जितनी संजीदगी से टीम इस मामले में जुटी है उससे कालाबाजारी के साथ-साथ गुणवत्ता में कमी के कयास भी लगाए जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग और वेटरनरी विभाग को भी दिखानी होगी चुस्ती
सरसों के तेल व पशुओं की खल का कारोबार क्षेत्र में इन दिनों भारी तादाद में हो रहा है। स्वाभाविक है जहां डिमांड अधिक रहेगी वहां मिलावट और कालाबाजारी भी चरम पर होगी। पिछले लंबे समय से मिलों व गोदामों पर छापेमारी की कार्रवाई नहीं हुई थी। मंगलवार को जब ऐसा हुआ तो काफी कुछ ऐसा मिला जिससे मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय के उच्चाधिकारियों को हैरान कर दिया। कालाबाजारी  की तो बात सामने आ चुकी है मगर अब सरसों के तेल में मिलावटखोरी को रोकना है तो स्वास्थ्य विभाग को भी चुस्ती दिखानी होगी। वहीं, खल में अगर मिलावट पकड़नी है तो इसके लिए वेटरनरी विभाग को भी धरातल पर जांच करनी होगी।

मामले की जांच चल रही है। रिकार्ड भी चेक किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। फिलहाल टीम दादरी में ही रुकी हुई है।
निहाल सिंह गोदारा, जेडएमईओ, हिसार मंडल
 
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