भिवानी के चरखी दादरी में पिलर बॉक्स लगाने का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को इस मसले पर तीन वार्डों में तीन घंटे तक ड्रामा चला। विरोध कर रहे वार्ड वासियों ने बिजली निगम की टीम पर ताले तोड़कर जबरन घर में घुसने और बिना अनुमति के मीटर उखाड़ने तक के आरोप मढ़ दिए। वार्ड नंबर 20 की महिलाओं ने तो 18 मई की प्रस्तावित रैली में प्रदेश के मुखिया को काले झंडे दिखाकर विरोध करने की चेतावनी तक दे डाली। वहीं, वार्ड पार्षदों ने लगाए जा रहे नए मीटरों पर भी सवालिया निशान लगाते हुए इन्हें लेबोरेट्री में आंखों के सामने टेस्ट करवाने की मांग की है। इस ड्रामे के बाद वार्ड नंबर 19 में पुलिस की देखरेख में निगम कर्मचारियों ने पिलर बॉक्स लगाने का कार्य शुरू किया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बिजली निगम की तीन टीमें वार्ड नंबर 19, 20 व 21 में पहुंची। ज्यों ही वार्डवासियों को टीमों के आने की सूचना मिली तो सभी लामबंद हो गए। घरों के मीटर उखाड़ने से बचाने के लिए महिलाओं ने अलग ही रणनीति तैयार की। वार्ड नंबर 20 की महिलाएं मेन गेट को बाहर से ताला जड़कर निगम की टीमों का विरोध करने उतर गई। इस दौरान मीटर बदलने वाले कर्मचारियों से खूब तू-तड़ाक भी की गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ ने मामले की सूचना एक्सईएन और सिटी थाना पुलिस को भी दी। इसके बाद सिटी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां महिलाओं की तादाद ज्यादा होने के चलते महिला छह सदस्यीय पुलिस कर्मचारियों की टीम भी बुलाई गई। इसके बाद भी वार्ड नंबर 20 के लोग प्रशासनिक अधिकारियों की एक सुनने को तैयार नहीं हुए। यहां तक की वार्ड की महिलाओं ने सभी के सामने सीएम मनोहर लाल खट्टर के नगर आगमन पर काले झंडे दिखाकर पुरजोर विरोध करने की चेतावनी भी दे डाली। इसके बाद वार्ड नंबर 20 में पुलिस प्रशासन ने अलर्ट रहकर पिलर बॉक्स लगवाने का काम शुरू करवाया।
पहले एसडीओ से तो बाद में महिला पुलिस से उलझे वार्डवासी
वार्ड नंबर 20 निवासी प्रदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके घर में कोई नहीं था और निगम का कोई कर्मचारी गेट का ताला तोड़कर उनके घर में घुस गया। इस हरकत तक भी उक्त कर्मचारी सीमित नहीं रहा। उसने घर के अंदर बॉक्स में लगे मीटर को उखाड़कर बाहर गली में फेंक दिया। यह वाक्या सुनकर तो एकाएक महिलाएं भड़क उठी। तभी मौके पर पहुंचे एसडीओ अतुल रंगा से भी लोगों ने जमकर बदतमीजी की। यहां तक की जब महिला पुलिस ने वार्ड की महिलाओं को समझाने का प्रयास किया तो महिलाएं उनसे भी उलझ पड़ी। करीब 15 मिनट तक महिला पुलिस और वार्ड की महिलाओं में जुबानी जंग चली। बाद में कुछ प्रमुख लोगों ने वार्ड की महिलाओं को समझा बुझाकर शांत करवाया।
हमारे वार्ड में पहले भी मीटरों को घरों से बाहर निकाला गया था। तब भी हमने विरोध नहीं किया था और अब भी वार्डवासी इसके लिए तैयार है। कुछ लोग वोट बैंक को बचाने के लिए बवंडर मचा रहे है जो कि गलत है। यह योजना पूर्णतया सिरे चढ़ने के बाद सभी का फायदा होगा।
वीरेंद्र पप्पू, पार्षद वार्ड नंबर 19
किसी भी कीमत पर हम पिलर बॉक्स नहीं लगाने देंगे। पहले सरकारी कार्यालयों व अधिकारियों की कोठियों में लगे मीटरों को बिजली निगम इस दायरे में शामिल करें। अगर पुलिस प्रशासन मामला भी दर्ज करें तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे। जो नए मीटर लगाए जा रहे हैं, वो तकनीकी रूप से भी ठीक नहीं है।
वीरेंद्र, वार्ड नंबर 20 पार्षद प्रतिनिधि
ताला तोड़ने के जो कर्मचारी पर आरोप लगाएं है वो बेबुनियाद है। टीम के साथ वार्डवासियों ने बदतमीजी भी की है। हम तो सरकार और उच्चाधिकारियों के आदेशों पर योजना सिरे चढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
अतुल रंगा, एसडीओ बिजली निगम