फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लैब टेक्नीशियन की हड़ताल, मरीज हलकान

Tue, 20 Sep 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
वेतन विसंगतियों से खफा स्वास्थ्य विभाग के लैब टेक्नीशियन ने काम छोड़ हड़ताल की। हड़ताल का व्यापक असर रहा और मरीज टेस्टों के लिए भटकते रहे। अधिकतर को डाक्टर ने ही दो दिन बाद टेस्ट कराने की सलाह दी तो अधिकतर ने प्राइवेट लैबों में टेस्ट कराये। हड़ताल से मरीजों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि औसतन हर रोज 16 सौ टेस्ट होते हैं और सोमवार को लैब टेक्नीशियन की हड़ताल के चलते महज 50 ही टेस्ट हुए।

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत वेतन विसंगतियों के खिलाफ 13 से 18 तक सितंबर तक काली पट्टी बांध रोष जताने वाले लैब टेक्नीशियन ने सोमवार को काम छोड़ हड़ताल की। सुबह अस्पताल पहुंचते ही लैब टेक्नीशियन ने हड़ताल रखी। अस्पताल परिसर में धरना दिया और सिविल सर्जन कार्यालय, डीसी कार्यालय में मांगों का ज्ञापन सौंपा। हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा। अस्पताल में पहुंचे मरीजों लैब टेस्टों के लिए भटकते रहे। लैब टेस्ट नहीं होने के कारण चिकित्सक भी मरीज को पूरा इलाज नहीं दे सके। मरीज कभी ओपीडी में बनी लैब के चक्कर लगा रहे थे तो कभी अंदर बनी मुख्य लैब के। अधिकतर मरीज बिना लैब टेस्ट के घर लौटे तो काफी ने प्राइवेट लैबों में टेस्ट करवाये। अस्पताल की लैब में दिनभर में महज 50 ही टेस्ट हुए जबकि औसतन 16 सौ के करीब टेस्ट होते है।
विज्ञापन


ये टेस्ट हुए : इमरजेंसी टेस्ट एचबी, ब्लड ग्रुप, यूरिन टेस्ट, सीबीसी, एचसीवी आदि हुए।

ये टेस्ट नहीं हुए : बायों से संबंधित टेस्ट नहीं हुए। केएफटी, एलएफटी, ब्लड शूगर, लिपिट प्रोफाइल आदि।

दो दिन बाद आना
दो दिन तक लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर है। दो दिन बाद आना, तभी टेस्ट होंगे। लैब में विभिन्न टेस्टों के लिए पहुंचे मरीजों को ये ही जवाब मिल रहा था। हड़ताल के दौरान मरीज टेस्टों के लिए भटकते रहे। सुबह करीब 11 बजे कुछ जरूरी टेस्टों के सैंपल लेने का काम किया गया। यह कमान भी अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों ने किया।

वेतन विसंगतियां दूर नहीं तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया और जी माधवन कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। यह चेतावनी लैब टेक्नीशियन ने काम छोड़ हड़ताल करते हुए दी। लैब टेक्नीशियन ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और सिविल सर्जन और डीसी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

सोमवार का लैब टेक्नीशियन ने अपनी मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल करते हुए ब्लड बैंक के बाहर धरना दिया। हड़ताल 20 सितंबर को भी रहेगी। जिला प्रधान राज कुमार लाठर ने बताया कि प्रयोगशाला सहायक का जो पद है वो तकनीकी है व स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य रीढ़ कहा जाता है। जबकि वेतनमान पंजाब व केंद्र की तुलना में आधा मिलता है। रामचंद्र चहल ने कहा कि सरकार इस श्रेणी के साथ सौतेला व्यहार कर रही है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहंी किया जाएगा। इस मौके पर कमलेश, उर्मिल शर्मा, सुमित्रा, शीलवंती, कृष्णा देवी, पुष्पा, संतोष, निर्मल शर्मा, मान सिंह, कृष्ण कुमार शर्मा, संजय बलौदा आदि शामिल थे।
विज्ञापन


ये है मांग
* प्रयोगशाला तकनीकी सहायक को पे बैंड टू 9300-34800 के वेतनमान में ग्रेड पे 4200 सौ दिया जाए।
* प्रतिमाह दो हजार रूपये जोखिम भत्ता, केंद्र सरकार की तर्ज पर इस श्रेणी के कैडर को रिव्यू किया जाए
* एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत पिछली काफी वर्षों से लगे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
* एनएचएम एमएमआईवाई के तहत अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को दो साल की सेवा के उपपरांत नियमित किया जाए। नियमित नहीं किए जाने तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये दिया जाए।
* रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें