भिवानी के धनाना गांव में चल रहे धरने में सोमवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पहुंचे। इस दौरान वह बोले बोले, 12 फरवरी तक का सरकार को समय दिया है। इसके बाद आंदोलन को तेज करेंगे व धरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 19 को हरियाणा में बलिदान दिवस मनाए जाने की घोषणा करते हुए मलिक ने सीधा सीएम पर हमला बोला। कहा, सीएम को न हरियाणवी संस्कृति का ज्ञान है और नहीं अपनी ताकत का। सीएम को संस्कृति का ज्ञान होता तो वे सांसद राजकुमार सैनी को उकसा कर भाईचारा खराब नहीं कराते। और, ताकत का अहसास होता तो देवीलाल की तरह एक कलम से सभी मांगे पूरी कर देते। धरनों में अब भाजपाई भी शामिल हो रहे हैं। जल्द ही सारे भाजपा नेता धरने को समर्थन देने पहुंच जाएंगे और अपनी गलती भी स्वीकारेंगे।
सोमवार को सुबह से ही धनाना गांव की धर्मशाला में चल रहे धरने में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दोपहर तक धर्मशाला खचाखच भर गई। सवा तीन बजे वाहनों के काफिले के साथ ट्रैक्टर में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को धरनास्थल तक लाया गया।
धरने में महिलाओं की भागीदारी भी खासी रही। महिलाओं ने गीत भी सुनाए। पहली बार धरने में युवा भी नजर आए। धरना की अध्यक्षता जाटू खाप-84 प्रधान सूबेदार राजमल ने की। मा. दीवान सिंह जाखड़, राजकुमार मुंढाल, गंगाराम श्योराण, होशियार सिंह जताई, रामेश्वर वाल्मीकि, एडवोकेट ब्राहृानंद, कप्तान रामचन्द्र, किताब सिंह, जसवंत कूंगड़, टेकराम भैणी, रीना रानी (बीडीसी), रणसिंह श्योराण, बिमला देवी, रामधारी व रमेश पंघाल, दलीप सिंह, कटार सिंह, पूर्व आईएएस फतेह सिंह डागर, कमलेश धनाना, ईश्वर मान, रणबीर बैनीवाल, व किताब कौर मित्ताथल ने संबोधित किया।
धरने में शामिल होंगे भाजपा नेता: मलिक
धरने के मंच से यशपाल मलिक ने कहा कि जिस तरह धरनों में भीड़ उमड़ रही है, सरकार घबराई हुई है। सरकार ने प्रदेश का भाईचारा बिगाड़ने का काम किया। इसी कारण सांसद सैनी को खुला छोड़ा। उन्होंने कहा कि भूल हरियाणा के लोगों से भी हुई है और भाजपा सरकार से भी। मलिक ने कहा कि लोगों से भूल भाजपा को सत्ता में लाने की है, जिसे इस बार सुधार लिया जाएगा और सरकार को हमारी मांगे पूरी कर भूल सुधार लेनी चाहिए। सरकार को 12 फरवरी तक का समय दिया है। इसके बाद आंदोलन को तेज करते हुए धरनों की संख्या बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में एक वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी भाजपा छोड़ चुका है और दादरी में भाजपा विधायक धरने का समर्थन कर चुके है। मलिक ने कहा कि 15-20 दिनों में अधिकतर भाजपा नेता धरनों के समर्थन में होंगे।
नौकरी से ज्यादा जान प्यारी होती है
धरने के दौरान कुछ खुफिया कर्मचारियों द्वारा वीडियो बनाने की बात सामने आई तो पहले अशोक बल्हारा ने उन्हें धरना स्थल से पांच सौ मीटर दूर चले जाने की बात कही। बाद में यशपाल मलिक ने कहा कि नौकरी से ज्यादा जान प्यारी होती है। फोर्स से डराने वाली सरकार को पता होना चाहिए कि हम अड़ गए तो गांव में न मंत्री घुस पाएंगे और न ही फोर्स। जाट नेताओं की चेतावनी के बाद सभी खुफिया विभाग के कर्मचारी धर्मशाला से बाहर चले गए। पुलिस फोर्स भी धरनास्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर डटी रही।
पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट
यशपाल मलिक के कार्यक्रम को देखते हुए न केवल शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस फोर्स अलर्ट रही बल्कि तिगड़ाना मोड़ पर तो सीआरपीएफ के जवानों के साथ भारी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे।