भिवानी में जाट आंदोलन के पांचवें दिन धरने में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने जिला पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ शहर व आसपास के गांवों में भी फ्लैग मार्च किया। जाट नेताओं ने आंदोलन को तेज करते हुए भीड़ बढ़ाने का आह्वान किया तो पुलिस प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि शांतिपूर्वक धरना दें। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, धरने के दौरान सीआईडी कर्मचारियों के मोबाइल से फोटो खींचने पर रोक लगा दी गई है।
जाट आरक्षण के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को भी धनाना में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर धरना दिया गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। धरने की अध्यक्षता सूबेदार राजमल ने की। धरने में महिलाएं भी शामिल हुईं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी से धरने की शुरुआत की गई और दोपहर में रागिनी, देशभक्ति व जागरुकता गीतों का कार्यक्रम हुआ।
जाट नेताओं ने अपनी तीनों मांगों को दोहराया। जाट नेताओं ने कहा कि जब तक पिछले आंदोलन के दौरान पकड़े गए युवाओं को रिहा नहीं किया जाता, मुकदमे खारिज नहीं किए जाते, मृतकों के परिजनों को नौकरी नहीं दी जाती, घायलों को आर्थिक सहायता नहीं दी जाती तब तक आंदोलन नहीं थमेगा बल्कि दिन ब दिन संख्या बढ़ाई जाएगी। वक्ताओं ने गांवों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को धरने पर लाने का आह्वान किया। विभिन्न संगठन, खाप प्रतिनिधि भी समर्थन देने पहुंचे।
जाट नेताओं ने जल्द ही आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को धनाना धरने में बुलाने की भी बात कही। धरने में रामचंद्र मित्ताथल, गंगाराम श्योराण, होशियार सिंह जताई, सुल्तान सिंह तालू, रघबीर सिवाडा, दयाकिशन बड़ेसरा, रणबीर सिंह बेनीवाल, हवा सिंह घुसकानी, प्रेम कुमार चेयरमैन, सुरेंद्र सिंह ठेकेदार, बालाराम चांग, बलबीर सिंह, उमेद सिंह, दलीप सांगवान, कटार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
सीआरपीएफ-पुलिस का फ्लैग मार्च
धनाना में धरने में भीड़ बढ़ी तो पुलिस प्रशासन ने भी सीआरपीएफ जवानों व विभिन्न जिलों से आई पुलिस फोर्स को साथ लेकर फ्लैग मार्च कर ताकत दिखाई। फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से शुरू हुआ। सबसे पहले पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में तिगड़ाना गांव तक दौरा किया। इसके बाद शहर के सभी मुख्य मार्गों सेक्टर 13 मोड़, हांसी गेट, महम गेट, रोहतक गेट, नया बस स्टैंड से वापस रोहतक गेट, दादरी गेट, दिनोद गेट, घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, लघु सचिवालय मार्ग होते हुए पुलिस लाइन में खत्म हुआ। शहर के सभी चौक-चौराहों, मुख्य स्थानों पर भी पुलिस टीमें अलर्ट दिखी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी सूरत में रोड जाम नहीं किया जाएगा। अब काफी सरकारी नौकरियां निकली है और सरकार के निर्णयानुसार जो भी युवा आंदोलन में शामिल होगा, उसे नौकरी के अयोग्य करार दिया जाएगा।