जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तहत धनाना में चल रहे धरने में शुक्रवार को सांसद पर स्याही फेंकने के मामले में आरोपी युवक जींद निवासी सौरभ ढांडा अपने साथियों के साथ पहुंचा और समर्थन दिया। आंदोलन को महम 24 खाप व विभिन्न संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। धरने में वक्ताओं ने आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया और सरकार को चेतावनी दी कि उन्हें बरगलाने की बजाए उनकी मांगें पूरी कर सबूत दें। उधर पुलिस प्रशासन ने तिगड़ाना मोड़, शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
जाट आरक्षण आंदोलन के चलते शुक्रवार को भी धरने पर जाटों ने तो चौक-चौराहों पर पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने ताकत दिखाई। धरने के छठे दिन वक्ता सरकार पर खूब बरसे और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने आंदोलन बढ़ाने के लिए सुझाव भी दिए। वक्ताओं ने आंदोलन को पहले धरने में भीड़ जुटाकर बढ़ाने का निर्णय लिया। सभी उपस्थित लोगों से अपने साथ शनिवार को कम से कम दो-दो लोगों को लाने का आह्वान किया गया। धरने में जींद से युवा सौरभ ढांडा भी अपने साथियों के साथ पहुंचा। सौरभ ढांडा पिछले वर्ष सांसद सैनी पर स्याही फेंकने के मामले में आरोपी है। सौरभ ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। धरने में ब्राह्मण समाज की ओर से सुरेश कुमार, महम चौबीसी खाप से रामधारी गौड़, महासचिव रामफल, राजस्थान में सांसद बलवान बेनिवाल के भाई विजय बेनिवाल, चांग से रामेश्वर वाल्मीकि भी पहुंचे और अपना समर्थन दिया। धरने में शुक्रवार को भीड़ बढ़ी तो वक्ताओं में भी जोश दिखा। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि सरकार उन्हें आंदोलन को तेज करने पर मजबूर न करे। वक्ता संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष होशियार सिंह जताई, महासचिव कुलदीप धनाना ने कहा कि लोगों में आंदोलन को जोश है मगर सरकार उनकी मांगों के प्रति लोगों को बरगला रही है। उनकी मुख्य मार्ग पिछले आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी, घायलों को मुआवजा व जिन युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें खारिज किया जाए। सरकार बोल रही है कर रहे है, कर रहे है मगर किया कुछ भी नहीं जा रहा। धरने में खासी संख्या में विभिन्न गांवों से आए ग्रामीण मौजूद रहे।
पुलिस प्रशासन ने की सुरक्षा कड़ी
आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। सुरक्षा के लिए भिवानी पहुंची सीआरपीएफ के जवानों की ड्यूटी शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाई गई है। शहर के तिगड़ाना मोड़ पर भी सीअरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कुछ टीमें ऐसी बनाई गई जो कुछ समय एक चौक-चौराहे पर ठहरने के बाद दूसरे चौक-चौराहे पर जा रही है।
जाट धर्मशाला की सुरक्षा में भी जवान तैनात
पिछले वर्ष हुए जाट आरक्षण आंदोलन में वैश्य कॉलेज के सामने जाट धर्मशाला में भी खूब तोड़फोड़ की गई थी। जनरेटर, कार, बाइक को आग लगाने के अलावा मुख्य गेट व अंदर हॉल के शीशे तोड़ दिए गए थे। इस बार किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां तीन सदस्यीय पुलिस टीम को सुरक्षा में तैनात किया गया है।