सोमवार को शहर के बाबा स्वामी दयाल धाम पर फौगाट खाप की ओर से आयोजित महापंचायत में आरक्षण आंदोलन में समुदाय के मारे गए 21 लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता व जाट रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। महा पंचायत ने सरकार को यह भी चेतावनी दी कि अगर निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी पर जल्द ही रोक नहीं लगाई तो खाप आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। पंचायत की अध्यक्षता खाप प्रधान रामदास फौगाट ने की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
19 गांवों की इस महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए फौगाट खाप प्रधान रामदास फौगाट ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के सिलसिले में पकड़े गए निर्दोष लोगों को सरकार को तुरंत प्रभाव से रिहा करना चाहिए। खाप सचिव बलवंत सिंह ने कहा कि सरकार वादाखिलाफी कर रही है। आंदोलन समाप्ति के दौरान सरकार ने आंदोलन में मारे गए प्रत्येक के परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने व 10 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की थी, लेकिन आज सरकार पीछे हट रही है जो उचित नहीं है।
आंदोलन की दी चेतावनी
पंचायत के दौरान खाप प्रतिनिधियों ने सरकार को आंदोलन की भी चेतावनी दी है। खाप सचिव बलवंत सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने गिरफ्तार किए गए निर्दोष युवकों को जल्द ही रिहा नहीं किया और गिरफ्तारियों पर रोक नहीं लगाई गई तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
जाट रत्न की उपाधि से किया सम्मानित
महापंचायत के दौरान फौगाट की ओर से 21 मृतकों के परिजनों को प्रत्येक को तीन लाख दो हजार रुपये की आर्थिक मदद भी मुहैया करवाई गई और भविष्य में भी हर संभव मदद के लिए तत्पर रहने का आश्वासन भी दिया गया।
ये रहीं मुख्य मांग
1 जाट आंदोलन के दौरान निर्दोष व्यक्तियों पर बने मुकदमे खारिज किए जाए
2 आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किये गये लोगों को तुरंत प्रभाव से रिहा किया जाए
3.भविष्य में गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाये।
4. केंद्र सरकार द्वारा केंद्र की नौकरियों में भी तत्काल प्रभाव से जाट आरक्षण को लागू किया जाए।
5 आंदोलन में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को सरकारी आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी दी जाए। यह मांगें जल्द ही नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
महापंचायत में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर खाप प्रवक्ता रामसिंह बलकरा, उपप्रधान बोबी फौगाट, सचिव बलवंत सिंह नंबरदार, अधिवक्ता गिरेंद्र फौगाट, शमशेर सिंह, डॉ. सुभाष, सीताराम, सुरेश, भगत सिंह, दयानंद, पवन नंबरदार, सूबेदार सुरेंद्र सिंह, धर्मपाल बोस, धर्मपाल, शमशेर, उदयवीर, जिले सिंह, राजेश, अशोक आदि उपस्थित थे।