भिवानी में सड़क हादसे में घायल पशुओं को लेकर गो सेवक शहर के सबसे व्यस्त हांसी चौक पर शामियाना लगाकर बैठ गए। गो सेवकों ने वाहनों को सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर करीब दो घंटे यातायात बाधित रखा। गोशाला संचालकों व प्रशासन के रवैये के विरोध में गो सेवकों को सड़क पर उतरना पड़ा। इलाज न मिलने की वजह से एक घायल गाय की मौत हो गई। बाद में एसडीएम ने तीन घायल लावारिस पशुओं को महम गेट स्थित गोशाला भिजवाया, तब कहीं जाकर गो सेवक शांत हुए और जाम खोला।
शनिवार सुबह 12 बजे तक ही अलग-अलग हादसों में 11 लावारिस पशु घायल हो गए। गो सेवक घायल पशुओं को उपचार के लिए गोशालाओं में लेकर पहुंचे, मगर संचालकों ने घायल लावारिस पशु रखने से इनकार कर दिया। इससे खफा गोशाला संचालक चार घायल लावारिस पशुओं को लेकर हांसी गेट चौक पहुंचे और सड़क के बीच रखकर मार्ग जाम कर दिया। घायल लावारिस पशुओं में चार गाय और 11 सांड थे। जिनमें से सात को तो गो सेवकों ने अपने बाड़े में जगह होने पर रख लिया। गो सेवकों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए लावारिस पशुओं के लिए छत की व्यवस्था की मांग की। घायल लावारिस पशुओं का सड़क पर ही इलाज किया। यहां एक घायल गाय ने दम भी तोड़ दिया। करीब दो घंटे तक मार्ग बंद रहा। जाम की सूचना पर शहर थाना और सिविल लाइन थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, मगर गो सेवक लावारिस पशुओं के लिए छत की व्यवस्था की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम सतपाल सिंह और तहसीलदार संजय बिश्रोई गो सेवकों के बीच पहुंचे। गोसेवकों ने एसडीएम को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर लावारिस पशुओं के लिए छत की व्यवस्था नहीं हुई तो सड़क के बीच ही गौशाला बनाकर यहां चारा डाला जाएगा। बाद में एसडीएम ने महम रोड स्थित गौशाला में बातचीत कर तीन घायल लावारिस पशुओं को गोशाला में भर्ती करवाया। इसके बाद गो सेवक शांत हुए और सायं चार बजे जाम खोला। गो सेवक संजय परमार ने कहा कि हर रोज हादसों में 20 से 25 लावारिस पशु हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे है। गोशाला संचालक सिर्फ दुधारु पशुओं को ही रखते है और बाकी को नहीं रखते। सरकार इन लावारिस पशुओं के लिए छत की व्यवस्था करें। एसडीएम सतपाल सिंह ने कहा कि घायल लावारिस पशुओं को गोशाला में भर्ती करवा दिया गया है। लावारिस पशुओं के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
गो सेवकों के बीच पहुंची किरण चौधरी
जाम लगा रहे गो सेवकों के बीच पूर्व जनस्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण गाय दम तोड़ रही है। विधानसभा में यह मामला उठाया था और सरकार ने चार अधिकारियों की कमेटी बनाने की बात कही थी, जिसके चेयरमैन डीसी थे। डीसी की लापरवाही के कारण गाय दम तोड़ रही है और सरकार को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए। गायों को बचाने का कानून बना दिया, मगर सड़कों पर गो माता हादसों का शिकार हो रही है।