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संगीनों के साये में शांति से गुजरा पहला दिन

Sun, 29 Jan 2017 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आहूत आंदोलन का पहला दिन शांति से बीता। जाट बिरादरी के लोगों ने रविवार को धनाना गांव में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक धरना दिया। धरनास्थल से हुंकार भरी कि इस बार आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार ठोस कदम उठाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स दिनभर सड़कों पर रही। पूरे इलाके की नाकाबंदी रही।
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रविवार अल सुबह से जिलेभर में पुलिस की मुस्तैदी के बीच गांव धनाना में जाट बिरादरी के लोगों ने धरना आरंभ किया। बाकी जिले में शांति रही। कहीं कोई धरना-प्रदर्शन नहीं हुआ। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले सुबह आठ बजे धनाना गांव की धर्मशाला में धरना शुरू हुआ। सायं चार बजे तक चले धरने की अध्यक्षता जाटू खाप 84 के प्रधान राजमल ने की।

दर्जनभर गांवों के लोगों ने धरने में भाग लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। वक्ताओं के भाषण की शुरूआत में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। धरने की अध्यक्षता जाटू खाप 84 के प्रधान सूबेदार राजमल ने की। धरने में वक्ताओं ने हुंकार भरी कि इस बार आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए। युवाओं पर दर्ज मुकदमे खारिज कर उन्हें कैंसिल एफआईआर की कॉपी दी जाए। आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को ठेके पर नहीं नियमित सरकारी नौकरी दी जाए और घायलों को मुआवजा दिया जाए। कोर्ट में आरक्षण मामले की अच्छे से पैरवी की जाए।
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जाट नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती धरना चलता रहेगा। शांतिपूर्वक धरना दिया जाएगा और कोई जोर जबरदस्ती की तो इसका भी जवाब दिया जाएगा। धरने में धनाना,तालू, जताई, सुखपुरा, कूंगड़, सिवाड़ा, पुर, मंढाणा भैणी जाटान, भैणी ठाकरान, नीमड़ी, मालपोष, सांगा, नांगल, पूर्णपुरा, कौंट, बड़ेसरा से जाट प्रतिनिधि पहुंचे।

धरने में राष्ट्रीय कार्यकाणिी सदस्य रामचंद्र मित्ताथल, कुलदीप सिंह धनाना, भरत सिह पहलवान कूंगड़, सिवाड़ा से ओम सिंह, पूर्व सरपंच कूंगड़ कर्मबीर, जताई से मा. राज सिंह, मा. सतबीर घुसकानी, श्योराण खाप से गंगाराम,मीर सिंह बड़ेसरा, समिति के युवा प्रधान रमेश नीमड़ी, ओमप्रकाश थानेदार बामला आदि ने अपने विचार रखे।

न डरे हैं न डरेंगे, अपना हक लेकर रहेंगे
धरने के दौरान जाट नेता सरकार पर खूब बरसे और चेतावनी दी कि वे अपना हक लेकर रहेंगे। सरकार मांगे मानने की बात कहती है, बावजूद इसके पूरा नहीं कर रही। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह जताई ने कहा कि हम सरकार से इतना चाहते हैकि जो समझौता हुआ था, उसे पूरा करे। इस बार आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए। पिछले आंदोलन में मारे गए लोगों को ठेके की बजाए नियमित सरकारी नौकरी मिले। घायलों को मुआवजा मिले वहीं पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे रद कर इसकी कॉपी दी। आरक्षण मसले की कोर्ट में अच्छे से पैरवी की जाए। जब तक मांग नहीं मानी जाती, धरना नहीं हटेगा।
सेवानिवृत्त हेड मास्टर अजीत सिंह ने कहा कि सरकार पुलिस फोर्स दिखाकर, युवाओं को नौकरी से वंचित रखने की धमकी दे रहे हैं, मगर वे न डरे हैं और न डरेंगे। पूर्व सरपंच कर्मबीर, जगदीश, दिलबाग तालू आदि ने कहा कि सरकार लगातार उनके साथ विश्वासघात कर रही है।

हवा सिंह सांगवान पर किए कटाक्ष
धरने के दौर जाट नेताओं ने जाट नेता हवासिंह सांगवान पर भी निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पिछले आठ महीने में मृतकों के परिजनों को नौकरी नहीं दी और अब 15 दिन में नौकरी देने की बात कही जा रही है। सरकार जाटों को ही दो फाड़ करना चाह रही है। इस कारण कुछ जाट नेताओं को बुलाकर समझौता कर लिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की हाजिरी लगाने वाले ये जाट नेता समझ लें कि जमीन से जुड़े सभी जाट एकजुट हैं। किसी के बहकावे में नहीं आएंगे।

चप्पे-चप्पे पर पहरा, एसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
जाट नेताओं की चेतावनी के बाद पूरे जिला पुलिस के पहरे में नजर आया। शहर के सभी मुख्य चौकों रोहतक गेट चौक, हांसी गेट, घंटाघर, वैश्य कॉलेज के सामने, अनाजमंडी चौकी के पास पुलिस फोर्स तैनात रही। शहर के बाहरी मुख्य मार्गों के अलावा सभी खंड़ों के भी मुख्य प्वाइंटों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार स्वयं जिले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने फोर्स के साथ निकले। तिगड़ाना मोड़ समेत विभिन्न प्वाइंटों पर तैनात जवानों से मिले और ड्यूटी में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। वह भिवानी से तोशाम तक निरीक्षण करते हुए गए। डीएसपी चंद्रपाल, विजयपाल समेत सभी पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर जवानों को अलर्ट करते रहे।

प्रतिमाओं की सुरक्षा में भी तैनात हुए जवान
पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान तीन जगह नेताओं की प्रतिमाओं को खंडित किया गया। इस बार पुलिस प्रशासन ने सभी मूर्तियों कीसुरक्षा के लिए भी जवान तैनात किए। शहर के सराय चौपटा में बंसीलाल की प्रतिमा के पास, नेहरू पार्क के पास मदनलाल ढींगड़ा की प्रतिमा के सामने, विभिन्न चौक-चौराहों, पार्कों में लगी प्रतिमाओं की सुरक्षा में पुलिस के जवान तैनात किए गए।
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फोटो :15 से 20
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