भिवानी जिले की शहरी सीमा में शामिल अवैध कॉलोनियों को एक नवंबर को वैध होने का तोहफा मिल सकता है। प्रदेश सरकार स्वर्ण जयंती वर्ष कार्यक्रम में इसकी घोषणा हो सकती है। भिवानी शहरी क्षेत्र में आने वाली अवैध कॉलोनियां को ही वैध करने का प्लान है।
पिछले दिनों ने नगर परिषद ने शहरी क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाया था। सर्व में शहर की दर्जनभर कॉलोनियों में काफी आबादी होने के बाद भी अवैध है। सरकार की मांग पर इनका सर्वे कर रिपोर्ट भेजी गई। प्रपोजल मेें शहरी सीमा के पूरे क्षेत्र को ही वैध करने की मांग की गई। ताकि दर्जनभर कॉलोनियां जो शहर का हिस्सा होने के बावजूद अवैध उन्हें वैध का दर्जा मिल सके। करीब 15 से 20 हजार की आबादी इन कॉलोनियों में रह रही है।
पहले हुई थी तीन कॉलोनियां वैध
करीब तीन साल पहले शहर की तीन कॉलोनियां वैध हुई थी। इसमें विद्या नगर का बढ़ा हुआ भाग, लक्ष्मी नगर का बढ़ा हुआ भाग और लाजपत नगर शामिल था। उस समय कुछ कॉलोनियों के लोगों उनका क्षेत्र वैध नहीं करने पर रोष जताया।
यहां तक है शहरी सीमा
* शहरी सीमा रोहतक रोड पर हुन्नामल प्याऊ तक है। जबकि वैध क्षेत्र मारुति शोरूम के पास तक ही है।
* लोहारू रोड पर उत्तम नगर का कुछ हिस्सा वैध कॉलोनी में है जबकि क्षेत्र जूई नहर तक है।
* हांसी रोड पर शहरी सीमा रेलवे लाइन तक है मगर वहां तक पूरा क्षेत्र वैध नहीं है।
* महम रोड पर भी विद्यानगर तक ही वैध क्षेत्र है जबकि बढ़ा आबादी एरिया अवैध है।
* कौंट रोड पर लक्ष्मीनगर का कुछ क्षेत्र अवैध है जबकि इससेआगे की तीन-चार कॉलोनियां श्रीराम कॉलोनी, वीसी वाली जोहड़ी अवैध क्षेत्र में है।
* ढाणा रोड पर भी देवनगर आदि तीन-चार अवैध कॉलोनियां है।
* पीपली वाली जोहड़ी क्षेत्र का कुछ क्षेत्र अवैध है।
पहले अवैध कॉलोनियों का सर्वे हुआ था और उसकी रिपोर्ट चंडीगढ़ शहरी निकाय निदेशालय के मुख्यालय में भेजी हुई है। अब इन्हें कब अवैध किया जाता है, इसकी कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
सुंदर सिंह, एमई, नगर परिषद