राज्य सूचना आयोग ने नगर परिषद के एक अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ये जुर्माना राशि अधिकारी के वेतन से काट अदा कर आयोग को भी सूचना देनी होगी। ये जुर्माना 2018 में मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर किया है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने नप से सात अप्रैल 2018 को एक निजी अस्पताल से जुड़ी आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। निर्धारित अवधि में नप के एसपीआईओ कम सचिव ने कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। राज्य सूचना आयोग ने 10 नवंबर 2020 को सुनवाई कर सूचना नहीं देने पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया और आरटीआई कार्यकर्ता को 30 मार्च तक जवाब उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। बृजपाल ने बताया कि नप सचिव पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के आदेशों की कॉपी 18 जनवरी को रजिस्टर्ड डाक से मिली है।