बिजली विभाग की ओर से करीब तीन महीने पहले शुरू की गई हर महीने बिलिंग योजना रोल बैक हो गई है। अब दो महीने में एक बार बिजली का बिल आएगा। नई व्यवस्था शनिवारएक अक्तूबर से लागू हो गई। इस निर्णय से जिले के 3.26 लाख उपभोक्ताओं राहत मिलेगी।
उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के लिए जी का जंजाल बनी 'एवरी मंथ बिलिंगÓ योजना को कल शाम वापस लेने का निर्णय लिया गया। यह योजना जब से शुरू की है, तभी से इस पर सवाल उठ रहे हैं। योजना को लेकर बिजली विभाग की हीलाहवाली व खामियों की वजह से उपभोक्ताओं को यह योजना रास नहीं आई।
सचाई यह है कि विभाग से भी यह योजना संभल नहीं रही थी। विभाग न तो समय पर मीटर रीडिंग ले पाया और न ही उपभोक्ताओं तक समय पर बिल नहीं पहुंचा सका। इस वजह से बिजली निगम के कार्यालय में नाराज उपभोक्ताओं की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। कैश काउंटर पर लंबी-लंबी कतार आम हो गई थी।
हर महीने बिलिंग का निर्णय उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए लिया था। लेकिन, उपभोक्ताओं की शिकायत और परेशानी की वजह से विभाग को रोल बैक लेना पड़ा। अब दो महीने में बिजली का बिल भेजा जाएगा। आज से नई योजना लागू हो गई।केसी अग्रवाल
अधीक्षक अभियंता, बिजली विभाग
विभाग की थी आधी-अधूरी तैयारी
हर महीने बिलिंग की योजना यकीनन उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए ली गई। लेकिन, विभाग की आधी-अधूरी तैयारी की वजह से यह योजना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई थी। स्टाफ व संसाधनों की कमी की वजह से न तो समय पर रीडिंग ले पाया और न ही उपभोक्ताओं तक बिल पहुंचा सका। भुगतान होने के बावजूद विभाग अपने खाते अपडेट नहीं कर पाया और अगले बिल में राशि फिर जुड़ कर आ गई। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के साथ ऐसा हुआ।
अमर उजाला ने उठाई आवाज
हर महीने बिलिंग योजना की खामी, विभाग की हीलाहवाली और उपभोक्ताओं की परेशानी को अमर उजाला ने शिद्दत के साथ उठाया। कल 29 सितंबर के अंक में भी 'बिजली के बिलों की डिलीवरी में देरी, उपभोक्ता परेशानÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया।