फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने एक्सईएन और एसडीओ कार्यालय की काटी बिजली सप्लाई

Tue, 28 Jun 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बिजली संकट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भिवानी के चरखी दादरी में गर्मी में गहराए भीषण बिजली संकट से परेशान चार गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर रेलवे रोड स्थित निगम कार्यालय में जमकर बवाल काटा। अधिकारी और कर्मचारियों के समस्या सुनने के लिए बाहर न आने से गुस्साए ग्रामीणों ने एक्सईएन व एसडीओ कार्यालय की बिजली सप्लाई को बाधित कर दिया। जब समस्या सुनने कोई कर्मचारी बाहर कार्यालय से बाहर नहीं आया तो ग्रामीणों ने वहां धरने पर बैठने का ऐलान भी कर दिया। मामला बढ़ता देख वहां मौजूद निगम कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। उच्चाधिकारी जिला उपायुक्त के साथ बैठक में व्यस्त होने  के कारण मामले से सिटी पुलिस को अवगत करवाया। इसके बाद थाना प्रभारी ने  मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और ग्रामीणों की मांगें और समस्याएं निगम के सामने रखी। इस दौरान ग्रामीणों ने एक्सईएन से मिलकर समस्या  रखने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी। मंगलवार सुबह यह कमेटी एक्सईएन से मिलकर अपनी समस्या रखेगी। करीब दो घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद ग्रामीण वापस घर लौट गए।
विज्ञापन



गांव ढाणी फौगाट, टिकान कलां, पातुवास और महराणा के काफी संख्या में ग्रामीण बिजली निगम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान  कार्यालय का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनकी समस्या सुनने बाहर नहीं आया। ढाणी सरपंच सरपंच मंदीप सिंह, सोमवीर सिंह, रामौतार, वीरेंद्र सिंह, सत्यवान, नरेश, नंबरदार कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव में 24 घंटे में से महज चार से पांच घंटे ही बिजली आती है। निगम इतनी कम सप्लाई में भी दस बिजली के कट लगा देता है। बार-बार निगम कर्मचारियों को समस्या से अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है। यह स्थिति पिछले दस दिनों से बनी हुई है।

पॉवर कटों से घरों में पानी और आटे का भी घाटा
ग्रामीणों ने शहर थाना प्रभारी को बताया कि इन गांवोें में बिजली को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है।  ग्रामीण बार-बार के पॉवर कटों से परेशान हो चुके हैं। बिजली से होने वाले सभी कामकाज बाधित हो रहे हैं। इसका असर  पेयजल आपूर्ति  पर भी पड़ रहा है। इन गांवों में आटे का भी संकट गहराने लगा  है। महिलाओं को पीने का पानी सिर पर ढोना पड़ रहा है।
विज्ञापन


समस्या न सुनने पर भड़के ग्रामीण
इन गांवों के करीब सौ ग्रामीण सोमवार सुबह 11 बजे निगम कार्यालय में पहुंच गए। निगम के एक्सईएन से मिलने संबंध जब पूछताछ की गई तो पता चला कि एक्सईएन और एसडीओ प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बुलाई गई जिला उपायुक्त की बैठक में गए हैं। इसके बाद अन्य अधिकारी व कर्मचारी को बाहर समस्या सुनने के लिए बुलाने की मांग ग्रामीणों ने की। करीब आधे घंटे बाद तक जब कोई बाहर नहीं आया तो ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। निगम कर्मचारियों के इस रवैये से खफा ग्रामीणों ने वहां अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया। इससे एकाएक निगम के कर्मचार हरकत में आए और पुलिस को मौके पर बुला लिया। सिटी थाना  प्रभारी की मध्यस्तता में कंज्यूमर क्लर्क जगबीर सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त कर शांत करवाया।

मुश्किल से पांच घंटे ही  बिजली मिल रही है। जिससे इन गांवों के लोग परेशान हैं। इस समस्या को लेकर जल्द ही निगम के कार्यकारी अभियंता से भी मिलेंगे ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।
मंदीप सिंह, सरपंच ढाणी फौगाट

फिलहाल पीछे से ही पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है इस वजह से लोड बढ़ने पर पॉवर कट लगाने पड़ते हैं। वैसे गांवों में 12 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
जयप्रकाश, एसडीओ, बिजली निगम

मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंचेे थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों अधिकारियों के दफ्तर की बिजली सप्लाई को बहाल करवा दिया था। समझाने  के बाद ग्रामीणों ने शांतिप्रिय ढंग से अपनी समस्या निगम के कर्मचारियों  के सामने रखी और बाद में वापिस लौट गए।
विज्ञापन

भूदेव सिंह, सिटी थाना प्रभारी
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें