सूई गांव में करीब ढाई साल पहले हुई युवक की संदिग्ध मौत मामले में कार्रवाई नहीं होने से खफा युवक की मां व तीन बहने डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, वे नहीं हटेंगी।
सोमवार सुबह सूई गांव वासी करीब 80 वर्षीय महिला चावली देवी अपनी तीन बेटियों सीता, रोशन, सरोज के साथ लघु सचिवालय पहुंची। डीसी नहीं मिलने की सूरत में डीसी कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गई। चावली देवी ने बताया कि दो दिसंबर 2013 को उसका 22 वर्षीय बेटा मेहरचंद गांव में ही करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में मृत मिला था। उसके एक हाथ में जबरन चाबी भी ठूंसी हुई थी। उसके बेटे की हत्या की गई है। गांव के ही दो युवकों ने दो अन्य युवकों को मेहरचंद को ले जाते और मारपीट करते देखा है। पुलिस को ऑडियो, वीडियो के सबूत दिए जाने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। एक पुलिस अधिकारी आरोपियों से मिला हुआ है, जो पुलिस कार्रवाई नहीं होने दे रहा। महिला ने बताया कि उन्होंने सीएम विंडो, डीजीपी को भी शिकायत की। हाईकोर्ट में भी केस किया जहां हाइकोर्ट ने एसपी को 28 दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बावजूद न जांच की जा रही है और न ही आरोपियों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। उसके बेटे की हत्या की गई और पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की। मामले में मृतक की बहनों सीता, रोशनी, सरोज ने बताया कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे नहीं हटेंगी।