भिवानी जिला उपायुक्त पंकज ने भारतीय संविधान अनुच्छेद 311/2 नियम बी के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए हलका पपोसा के पटवारी चांदराम को आदेश जारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
उपायुक्त आदेशों के मुताबिक चांदराम पटवारी के खिलाफ राज्य चौकसी ब्यूरो हिसार में रणधीर सिंह से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए 1500 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी उपरांत उसे निलंबित कर दिया गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिवानी द्वारा चांदराम पटवारी को दोषी करार देते हुए पीसी अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत एक वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 13 के तहत दो हजार रुपये जुर्माना व दो वर्ष की सजा सुनाई गई थी। जिसके खिलाफ पटवारी ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।
वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव राजस्व एवं आपदा के अनुसार यदि किसी कर्मचारी को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया जाता है और उसके कारावास को ही अपील में स्टे या सस्पेंड किया गया हो या जमानत मिल गई हो तो कर्मचारी को डिसमिस करने की कार्रवाई की जाने के आदेश दिए गए। इसके अलावा चांदराम पटवारी के व्यक्तिगत स्तर पर जवाब अथवा स्पष्टीकरण का अवलोकन करने पर पाया गया कि न्यायालय द्वारा उसे सुन लिया गया है। अब पुन: सुनवाई की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती।