अनाजमंडी में किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी शुरू हो गई है। 20 हजार क्विंटल गेहूं बोरियों में डला मगर खरीद के बाद सिलाई नहीं हुई। दरअसल दो दिन पहले ठेकेदार काम छोड़कर चला गया। जिससे अब किसान और आढ़ती परेशान है। बोरियों की सिलाई नहीं होने से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। जिससे खरीद भी प्रभावित हो रही है। डीएफएससी ने निरीक्षण कर इस पर नाराजगी जताई।
अनाजमंडी में गेहूं भारी मात्रा में पहुंच रहा है। हर बार किसानों के लिए परेशानी बनने वाला गेहूं का उठान इस बार भी परेशानी बन गया है। इस बार परेशानी का कारण है खरीदे गए अनाज की बोरियों में सिलाई नहीं होना। आढ़तियों ने इसका ठेका दिया था मगर पहले ठेकेदार के कारिंदे और अब ठेकेदार काम बीच में छोड़कर भाग गए है। बताया जाता है कि आढ़तियों से विवाद के बाद ठेकेदार काम छोड़ गया। अब पिछले दो दिन से बोरियों की सिलाई का काम बंद है। मंडी में 20 हजार से अधिक बोरियां सिलाई के अभाव में खुली पड़ी है। बोरियों की सिलाई नहीं होने से उठान प्रक्रिया भी पूरी तरह ठप है। ऐसे में मंडी में चारों ओर गेहूं के ढेर लगे है। गेहूं का उठान नहीं होने के कारण आढ़ती नया गेहूं भी खरीदने से कतरा रहे है और किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब आढ़ती अलग-अलग सिलाई के लिए कारिंदे ढूंढ रहे है ताकि काम चल रहे। प्रदेशभर में खरीद शुरू होने के कारण अब सिलाई करने वाले भी ढूंढे नहीं मिल रहे।
डीएफएससी ने किया निरीक्षण, लगाई लताड़
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वेदप्रकाश ने बृहस्पतिवार को अनाजमंडी का निरीक्षण किया। यहां गेहूं की बोरियों की सिलाई नहीं होने और गेहूं का उठान नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही इसके लिए कर्मचारियों को लताड़ भी लगाई।
सिलाई का ठेका लेने वाला ठेकेदार व उसके मजदूर काम बीच में छोड़कर चले गए है। जिस कारण समस्या बनी हुई है। अब सिलाई के लिए कारिंदों की तलाश की जा रही है।
सतीश सांकरोडिय़ा, आढ़ती व पदाधिकारी, अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन
अनाजमंडी में बोरियों में रखे गेहूं की सिलाई नहीं होने के कारण समस्या है। आढ़तियों से इस बारे में बातचीत की है और जल्द ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
वेदप्रकाश, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक