पिछले दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर फसलों पर होना शुरू हो गया है। गेहूं तथा सरसों की फलियों पर बर्फ की चद्दर जमने से फसलों की बढ़ोतरी प्रभावित होने के आसार बन गए है। कृषि विभाग अधिकारियों ने किसानों से कहा है कि किसान फिलहाल फसलों में किसी प्रकार की सिंचाई न करें। उधर धूप तो खिली मगर हवा चलने से ठिठुरन बरकरार रही। तापमान में भी एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
शुक्रवार को सुबह से ही धूप खिली मगर सर्द हवाओं के कारण लोग परेशान रहे। धूप खिलने के बावजूद लोगों को अलाव तापते देखा गया। धूप खिलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी। अधिकतम तापमान 17 डिग्री से बढ़कर 18 पर पहुंच गया तो न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री से बढ़कर पांच डिग्री पर पहुंच गया।
बहल में बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्र में पड़ रही ठंड मैदानी इलाकों में फसलों के लिए आफत बन गई। शुक्रवार को सुबह तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। तापमान में आई गिरावट के कारण खासकर गेहूं तथा सरसों की फसल पर बर्फ की चद्दर बिछ गई। फसल के अलावा फल और सब्जियों पर भी इसका अच्छा खासा असर रहा। किसानों ने बताया कि पाला जमने से गेहूं तथा सरसों की पैदावार प्रभावित होने के आसार बन गए है। हालांकि, नुकसान का सही आंकलन मौसम खुलने पर पता चलेगा। किसान देवेन्द्र ओबरा, महेन्द्र, राजकुमार ने बताया कि पाला जमने से फलियों में दाना काला पड़ जाता है तथा उसकी बढ़ोतरी नहीं होने से वह पूरा नहीं बन पाता है।