भिवानी शहर को जल्द तीन आरयूबी और एक ओवरब्रिज मिलने वाला है। कृष्णा कॉलोनी फाटक और तोशाम ओवरब्रिज के पास रेलवे अंडर ब्रिज सालभर के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा। इनके निर्माण पर 11.81 करोड़ रुपये खर्च आएगा। हांसी-हिसार ओवरब्रिज के पास ही तोशाम बाइपास फाटक पर 37 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज बनेगा। बजट मंजूर हो गया है और अगले साल तक इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इस ओवरब्रिज का निर्माण करीब ढाई साल में पूरा होने की उम्मीद है। दो आरयूबी के लिए बीएंडआर ने 14 लाख 90 हजार रुपये का चैक सर्वे और प्लानिंग के लिए रेलवे को दिया है।
तोशाम बाइपास ओवरब्रिज और दो आरयूबी की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी मगर लंबे समय से ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में थे। अब प्रोजेक्ट की फाइल खुल गई है और बजट भी आ गया है। रेलवे क्षेत्रीय सलाहकार समिति के सदस्य प्रीतम अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि आरयूबी और ओवरब्रिज के लिए बजट आ गया है। आरयूबी का निर्माण जल्द शुरू होगा। उन्होंने बताया कि रेलवे की ओर से सिटी रेलवे स्टेशन से हिसार रेलवे लाइन के लिए बाईपास का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। इससे रेल मालगाड़ी भिवानी स्टेशन पर जाने की बजाय बाईपास द्वारा सीधे हिसार से दिल्ली व दिल्ली से हिसार जा सकेंगी। इससे रेलवे ट्रैफिक कम होगा।
6.28 करोड़ से बनेगा कृष्णा कॉलोनी फाटक के पास आरयूबी
कृष्णा कॉलोनी फाटक के पास रेलवे अंडर ब्रिज बनेगा। इसके लिए छह करोड़ 28 लाख का बजट मंजूर किया गया है। यहां आरयूबी की बेहद आवश्यकता है और फाटक के दूसरी ओर जीतूवाला जोहड़ क्षेत्र, ब्रह्मा कॉलोनी आदि करीब दर्जभर से अधिक कॉलोनी है। अनाज मंडी का पीछे का भी हिस्सा आता है और लकड़ियों की भी मार्केट है। वर्षों से क्षेत्रवासी यहां आरयूबी की मांग कर रहे थे।
5.53 करोड़ से तोशाम ओवरब्रिज के नीचे बनेगा आरयूबी
बाल आश्रम के पास तोशाम ओवरब्रिज बनने के बाद से ही यहां आरयूबी की मांग उठ रही है। लोगों ने प्रदर्शन भी किया। मगर रेलवे ने यहां प्रदर्शन को नजरअंदाज करते हुए दीवार खींच दी। लोगों की मांग पर अब यहां रेलवे अंडर ब्रिज बनाने के लिए 5.53 करोड़ काज बजट मंजूर किया गया है। यहां भी रेलवे लाइन के दूसरी ओर दर्जनभर से अधिक कॉलोनियां है।
सबसे लंबा होगा तोशाम बाइपास ओवरब्रिज
हांसी-हिसार ओवरब्रिज के पास ही तोशाम बाइपास फाटक पर बनने वाला ओवरब्रिज भिवानी का सबसे लंबा ओवरब्रिज होगा। शहर के अन्य ओवरब्रिज सामान्य साइज करीब आठ सौ मीटर की है। मगर यह साढ़े नौ सौ मीटर लंबा होगा। इसके लिए 37 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। ओवरब्रिज की कार्रवाई शुरू हो गई है और संभवत: 2017 तक इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। ढाई साल में इस पुल के बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
देवसर चुंगी पर आरयूबी के लिए करना होगा होगा इंतजार
देवसर चुंगी के पास वाले रेलवे फाटक पर भी दिनभर वाहनों का आवागमन लगा रहता है। अक्सर यहां से ट्रेनें गुजरने के कारण फाटक बंद रहता है। जिस कारण यहां वाहनों की भारी भीड़ लगी रहती है। लोगों की मांग पर यहां का भी करीब तीन करोड़ का एस्टिमेट तैयार किया गया। प्रपोजल एनसीआर प्लनानिंग बोर्ड के पास भी भेजा गयाया। वहां से मंजूरी भी मिली मगर जोनल स्तर पर होने वाली जांच अन्य कागजी कार्रवाई के कारण इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में यहां आरयूबी के लिए लोगों को अभी इंतजार करना होगा।
रेलवे को दिए 14.90 लाख
रेलवे क्षेत्रीय सलाहकार समिति के सदस्य प्रीतम अग्रवाल, बीएंडआर विभाग के एसई एके महता, एक्सईएन पीके बागड़ी ने बताया कि आरयूबी के सर्व और प्लानिंग के लिए रेलवे को 14.90 लाख का चेक दिया गया है। कृष्णा कॉलोनी फाटक और तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास अगले साल भर में आरययूबी बन जाएंगे। आरओपी का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।