मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने स्पष्ट किया है कि अब मांग की बजाय जरूरत के हिसाब से शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार ने हरियाणा की मैपिंग कराई है। मैपिंग के अनुसार प्रदेश में लड़कियों के लिए 21 नए शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। इनमें ट्रेनिंग सेंटर और कॉलेज शामिल हैं।
शुक्रवार को प्रेमनगर गांव में चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के बाद सभा को संबोधित कर सीएम ने खुशी जताई कि राज्य में लिंगानुपात सुधर रहा है। पहले लिंगानुपात 850 था, अब 910 पर पहुंच गया। यह आंकड़ा जब तक 950 से कम है, तब तक चिंता की बात है। लड़कियों की शिक्षा पर भी सरकार का खास ध्यान है। पिछले साल पांच महिला कॉलेज खोले जा चुके हैं। इस साल 21 नए ट्रेनिंग सेंटर और कॉलेज खोले जाएंगे। इस बार शिक्षा का बजट 1650 करोड़ रखा गया है। पूर्व सीएम बंसीलाल के नाम पर यूनिवर्सिटी शुरू कर उनको श्रद्धांजलि दी है। यह यूनिवर्सिटी बेसिक साइंस और कंप्यूटर साइंस शिक्षा की अपनी तरह का प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होगा। रोजगारपरक शिक्षा पर भी फोकस होगा। सीएम ने नसीहत दी कि शिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य संस्कार देना होना चाहिए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन और पौधरोपण किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ, सांसद धर्मबीर सिंह, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन के अलावा विधायक बिशंबर वाल्मीकि, जेपी दलाल, नरेंद्र जीत सिंह रावल, जीतराम गुप्ता, ऋषिप्रकाश शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
खट्टर बोले, सरकार स्टे तुड़वाने की कोशिश करेगी
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग सरकार ने एक्ट बनाकर पूरी कर दी है। कोर्ट ने स्टे दिया है। अब सरकार स्टे तुड़वाने की पूरी कोशिश करेगी। निषेधाज्ञा के उल्लंघन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अनुमति से धरने दिए जा रहे हैं। बिना अनुमति कोई धरना नहीं दिया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में रिक्तियों के मसले पर मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक साल के भीतर शिक्षण संस्थानों में स्थायी नियुक्तियां हो जाएंगी।