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Bhiwani News: कृषि एवं पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल का साक्षात्कार

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14 फोटो अमर उजाला के साक्षात्कार के दौरान सवालों का जबाव देते कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दल - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। अब रेणुका और किशाऊ डैम से दक्षिण हरियाणा में धरती की प्यास बुझेगी। हिमाचल में डैम परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है, जिसमें हरियाणा सरकार की भी अच्छी खासी हिस्सेदारी है। इसके पानी से पूरे दक्षिण हरियाणा की बंजर भूमि में पर्याप्त नहरी पानी मिल पाएगा वहीं सेम ग्रस्त, जलभराव और बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए भी 1200 करोड़ का बजट मंजूर किया है। जिससे प्रदेश में करीब 50 हजार एकड़ भूमि कृषि योग्य हो जाएगी। यह बात संवाददाता संजय वर्मा के साथ साक्षात्कार में प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कही। कृषिमंत्री ने अपने चार साल के अनुभव सांझा करते हुए बताया कि कृषिमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद पौने दो साल कोरोना संक्रमण का दौर आया। इसके बाद टीडी हमला, कभी ओलावृष्टि तो कभी पाला की आपदा ने आ घेरा, ब्लर्ड फ्लू के संकट ने भी दस्तक दी। लेकिन इन सबसे भगवान की कृपा से पार पा लिया। कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल के साथ साक्षात्कार के अंश कुछ इस तरह रहे।
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सवाल: कृषि मंत्री रहते हुए प्रदेश में आपने किसानों को क्या दिया
उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम शुरू किया। इसी के अनुरूप हमने कृषि मंत्री रहते हुए ग्रामीण क्षेत्र में कृषि या पशुपालन से जुड़े छोटे किसानों को बगैर गिरवी रखे एक लाख 60 हजार रुपये तक लाभ देने के लिए पशुधन क्रेडिट नाम से नई योजना दी। जिसमें एक हजार करोड़ रुपये बांटे और प्रदेश के 80 हजार किसानों को इसका लाभ मिला है।
सवाल: किशाऊ और रेणुका डैम का पानी कब तक पहुंचेगा
उत्तर: तीन डैम बनने हैं। रेणुका और किशाऊ डैम में हरियाणा का अच्छा खासा हिस्सा है। डैम परियोजना से दक्षिण हरियाणा में पर्याप्त नहरी पानी मिलेगा। डैम बनने का काम चल रहा है। जल्द इसका पानी दक्षिण हरियाणा को मिलेगा।
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सवाल: नहरों के ढांचागत बदलाव से क्या फायदा मिला है।
उत्तर: सरकार ने नहरों में ढांचागत बदलाव कर उनकी क्षमता को डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। जहां से नहरें शुरू होती हैं वहां से ज्यादा पानी अब टेल तक पहुंच रहा है। जिसका किसान भंडारण भी कर रहे हैं। बारिश के दिनों में तीन माह में नहरों में अतिरिक्त पानी आता है, इस पानी का किसान अपने ही खेत में भंडारण का उसका बाकी महीनों में इस्तेमाल कर लाभ उठा रहे हैं।
सवाल: किसान अभी भी विरोध कर रहे हैं 10 रुपये गन्ना की वृद्धि नाकाफी है क्या
उत्तर: किसान को जितना दिया जाए कम है, लेकिन सरकार जब कोई फैसला लेती है तो सभी पहलुओं को ध्यान में रखती है। हरियाणा अकेला प्रदेश है जहां किसानों को गन्ने की पेमेंट हर साल होती है। इस साल पंजाब ने थोड़ा रेट ज्यादा बढ़ा दिया है। हमे जलभराव और सूखा ग्रस्त किसानों के हित को भी देखना है।
सवाल: चीनी मिल यदि घाटे में हैं तो इसमें किसान की गलती है या सरकार का मैनेजमेंट
उत्तर: चीनी मिलों का 5300 करोड़ रुपये का घाटा है। चीनी मिल सहकारी संस्था है। मिलों को किसान हित में जिंदा रखने के लिए सरकार उन्हें अनुदान देती है। किसान नेता मिलों का संचालन अपने हाथ में लेकर देखें। हम भी देखें कि उनका प्रबंधन कितना अच्छा है।
सवाल: 2024 में चुनाव है, किसान हरियाणा में बड़ा वर्ग है उसे कैसे लुभाएंगे
उत्तर: भाजपा की सरकार सेवा भाव से काम करती है। हमारी सरकार ने सवा करोड़ परिवारों को परिवार पहचान पत्र के जरिए सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़ दिया है। हम चुनाव की दृष्टि से नहीं, बल्कि जनहितैषी नीतियों पर काम करते हैं, जो जनता को सीधे लाभान्वित करती हैं।
सवाल: पिछले दिनों आपने बयान दिया था कि तोशाम में कमल खिलेगा, इसका क्या मतलब हुआ
उत्तर: इसका मतलब तोशाम में भी इस बार भाजपा का उम्मीदवार जीतेगा और निश्चित तौर पर वहां कमल खिलेगा।
सवाल: तोशाम में किरण चौधरी के खिलाफ कोई मजबूत प्रत्याशी तैयार है क्या
उत्तर: भाजपा देश के अंदर व्यक्तिवाद की राजनीति नहीं करती है। उम्मीदवार मैदान में उतारना पार्टी का काम है। यहां से जो भी भाजपा का उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेगा निश्चित तौर पर जीतेगा।
सवाल: हरियाणा में एसवाईएल का पानी सियासत में उलझ गया है, अब वैकल्पिक व्यवस्था क्या है
उत्तर: भाखड़ा नहर की उम्र हो चुकी है। इसके साथ वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नहर बनाई जाए। पानी कम या ज्यादा है बाद में देखा जाएगा। नहर का काम शुरू होना चाहिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भिवानी जिले से हैं, उन्हें माटी का कर्ज उतारना चाहिए, एसवाईएल मुद्दे पर उनकी भूमिका सही नहीं है।
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