भिवानी। लगातार 11 दिनों तक चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद रविवार को शहर में सफाई की आस जगी है। सरकार के साथ सफाई कर्मचारियों की मांगों पर सुलह का रास्ता निकला है। जिसके बाद रविवार से सफाई व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है। शहर भर में 800 टन कूड़ा उठाने में एजेंसी के कर्मचारियों को करीब तीन दिन लगेेंगे।
शुक्रवार देर रात को सफाई कर्मचारियों व पुलिस के बीच काफी देर तक तनातनी बनी थी। हांसी गेट पर कूड़ा उठान कराने के दौरान विरोध कर रहे 45 सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर दो गाड़ियों में बंद कर दिया। जिसके बाद हांसी गेट क्षेत्र से कूड़े का उठान कराया गया। वहीं सर्कुलर रोड कृष्णा कॉलोनी मोड़ डंपिंग प्वाइंट से भी पुलिस के साये में प्रशासन की टीम ने कूड़े का उठान कराया। वहीं हिरासत में लिए गए सफाई कर्मचारियों को शनिवार सुबह छह बजे छोड़ दिया।
शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे शहर से कूड़ा उठान कराने के लिए डीएमसी राहुल नरवाल, डीएसपी आर्यन चौधरी भारी पुलिस बल के साथ नगर परिषद कर्मचारियों व ठेकेदार कारिंदों के साथ लाव-लश्कर लेकर पहुंचे थे। कृष्णा कॉलोनी मोड़ पर सफाई कर्मचारियों ने जेसीबी के आगे डटकर विरोध दर्ज करा दिया। इसके बाद अमला हांसी गेट केएम स्कूल के पास पहुंचा, जहां जेसीबी से कूड़ा उठाया जाने लगा। इसकी भनक सफाई कर्मचारियों को लगी तो वे भी वहां पहुंच गए। मगर पुलिस ने कूड़ा उठान का विरोध दर्ज करा रहे करीब 45 सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया, जिसमें करीब 20 महिला सफाई कर्मी भी शामिल थी। हिरासत में लेकर दो गाड़ियों से सफाई कर्मचारियों को पुलिस बवानीखेड़ा पुलिस थाने व एक अन्य जगह लेकर गई। जहां रात भर उन्हें रखा और फिर शनिवार सुबह छह बजे छोड़ दिया। इस बीच प्रशासन व नगर परिषद कर्मचारियों ने कृष्णा कॉलोनी मोड़ व हांसी गेट केएम स्कूल के आगे बिखरे कूड़े के ढेर को साफ करा दिया। जबकि अन्य जगहों पर कूड़ा उठान नहीं हो पाया।
नगर पालिका कर्मचारी संघ यूनियन के प्रांतीय नेता पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी है। इसके बाद यूनियन के निर्देश पर हड़ताल वापस ली गई है। शहर से कूड़ा उठान का विरोध नहीं करेंगे। वहीं नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी अब वापस काम पर लौटेंगे।
कूड़े के ढेर में मरे हुए मवेशियों डालने व कूड़ा जलाने से महामारी की आशंका
शहर में लगातार 11 दिनों से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है। इस वजह से करीब 700 से 800 टन कचरा शहर में फैला है। हालांकि अब हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन फिर भी देर रात तक शहर भर में फैला कूड़ा जलाए जाने की वजह से धधक रहा है। वहीं मरे हुए मवेशी फेंकने से भी महामारी फैलने की आशंका है। जल्द कूड़ा उठाने की मांग की जा रही है। कूड़ा उठान के बाद ही शहरवासियों को राहत मिलेगी।
मौके पर विरोध कर रहे कर्मचारियों को वहां से हटाकर कूड़ा उठान कराया गया है। रोजाना ही शहर के विभिन्न हिस्सों से रात को कूड़ा उठान कराया जाएगा। सफाई कर्मचारियों को वहां से हटाकर बाद में छोड़ दिया था।
-आर्यन चौधरी, डीएसपी भिवानी।