18 फोटो सेमीनार में मंच पर उपस्थित स्टेट ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा व अन्य अतिथिगण। संवाद
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भिवानी। केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित ड्रग एजुकेशनल सेमिनार में आये स्टेट ड्रग कंट्रोलर हरियाणा ने ड्रग प्राइस कंट्रोल आर्डर (डीपीसीओ) के बारे में सभी दवा विक्रेताओं को कहा कि कोई भी केमिस्ट सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से ज्यादा रेट में दवा न बेचे। अगर बेचते हुए पकड़े गए तो कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि किसी मरीज को दवा देने से पहले ये निश्चित कर लें कि ये दवा ठीक है या नहीं, कोई भी केमिस्ट एमटीपी किट या नशे की दवाई बेचता पकड़ा गया तो उसको माफ नहीं किया जाएगा। उसके खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। तनेजा ने कहा कि सरकार चाहती है कि मरीज को ठीक रेट पर और असली दवा मिले। असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित गोयल ने बताया कि कौन सी दवाइयों को कितने तापमान पर रखना, कोई भी केमिस्ट फ्रिज को बंद न रखें ताकि दवाइयों का मरीज को पूरा फायदा मिले।
दीपक शर्मा, असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर दिल्ली ने कहा कि जितनी डॉ. की जिम्मेदारी है, उससे ज्यादा केमिस्ट की होती है। सीनियर डिस्ट्रिक्ट ड्रग कंट्रोल अफसर रमन श्योरान ने कहा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। कोई भी केमिस्ट ऑनलाइन लाइसेंस अप्लाई कर सकता है और उसे ऑनलाइन ही लाइसेंस मिल जाएगा।
जिला औषधि निरीक्षक हेमंत ग्रोवर ने कहा कि ड्रग एक्ट का पालन करने वाले केमिस्ट को विभाग की तरफ से कोई परेशानी नहीं होगी। समझाने के बाद भी गलत काम करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान देवराज महता और सचिव अशोक गोयल ने एसोसिएशन की तरफ से आश्वासन दिया कि सभी दवा विक्रेता ड्रग डिपार्टमेंट के आदेश का पालन करेंगे।