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बारिश ने उखाड़ी शहर की सेक्टर की सड़कें, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल

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बारिश के दौरान टूटी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा हाल ही में बनाई गई सड़क। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। जिन सड़कों की बारिश से पहले मरम्मत या पुनर्निर्माण हुआ था, वो मानसून की 120 एमएम बारिश भी नहीं झेल पाई। शहर की अधिकतर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कइयों की तो रोड़ियां भी निकल गई हैं। जिससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ हादसे होने के ज्यादा आशंका है। टूटी सड़कों के कारण उन पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सेक्टर 13 में करीब 15 की आबादी है, लेकिन यहां पर रहने वाले लोग परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
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सेक्टर में पॉश एरिया में रहने के सपने देखने वाले लोग उस समय उदास हो जाते हैं, जब वो टूटी सड़कें देखते हैं। वो ये सोच कर यहां पर अपना आशियाना बनाते हैं कि सेक्टर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। लेकिन टूटी सड़कें और प्लॉटों में जमा बारिश का पानी बाहर से आने वाले लोगों का स्वागत करती है। सड़कें इतनी बुरी अवस्था में है कि वाहन पर चलना तो दूर की बात है, इन पर पैदल चलना भी काफी मुश्किल भरा है।
इसके अलावा शहर के सरकुलर रोड के साथ साथ एनएच-709ई की सड़क का भी बुरा हाल हैं। जहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। दादरी गेट, बावड़ी गेट, हनुमान ढाणी, हालुवास गेट लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज के समीप सड़क में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। वहीं बासिया भवन से लघु सचिवालय की तरफ जाने वाली सड़क भी हाल ही में बनी थी। मगर मानसून की बारिश में ये सड़क भी चौक के समीप से ही टूटकर बिखर चुकी है। जिस पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अच्छा खासा बजट खर्च किया था।
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सेक्टर में घरों के आगे जलभराव, आने जाने का रास्ता भी नहीं बचा
शहर के पॉश इलाका सेक्टर 13 में घरों के आगे जलभराव हो गया है। जिसकी वजह से आने जाने वालों के लिए रास्ता भी नहीं बचा है। बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से सेक्टर में हालात बुरे हैं। खाली प्लाटों में बारिश के पानी का भराव हो गया है। जिसके अंदर जहरीले जीव जंतु भी सेक्टरवासियों के लिए खतरा बने हुए हैं।
सिर्फ नाम का है सेक्टर, सुविधाएं गांव से भी बदतर
शहर का पॉश इलाका सेक्टर 13 सिर्फ नाम का सेक्टर है, यहां सुविधाएं गांव से भी बदतर है। सेक्टर में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। यहां न गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था है न बारिश के पानी का कोई प्रबंध। -आनंद प्रकाश गर्ग, सेक्टरवासी।
सेक्टर की सड़कें बारिश के बाद टूट चुकी हैं, यहां पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश का पानी गलियों में जमा हैं, जिसकी वजह से घरों से आने जाने में भी परेशानी हो रही है। सेक्टर की कोई सुध लेने वाला नहीं है। -हवा सिंह, सेक्टरवासी।
सेक्टर की मुख्य सड़क टूटकर बिखर चुकी है। इसको कई बार रिपेयर भी किया जा चुका है, मगर यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह बार बार टूट रही है। जहां ब्लॉक की सड़कें बनी हैं, वहां भी बारिश के पानी का ठहराव हो रहा है। हम यहां गांव से भी बदतर हालातों में रहने पर मजबूर हैं। -सतपाल, क्षेत्रवासी।
सेक्टर में रहते हुए हमें काफी साल बीत चुके हैं, मगर जन सुविधाएं आज तक नहीं मिली हैं। सेक्टर की बदहाली अधिकारियों से भी छिपी नहीं हैं, मगर सुधार के नाम पर सिर्फ बजट पर की लीपापोती हो रही है, धरातल पर सेक्टर के अंदर सुधार के लिए कोई काम नहीं हुआ है।
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-रोहताश सिंगला, क्षेत्रवासी।
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