भिवानी। भाजपा सांसद अश्विनी चोपड़ा के पंजाबियों के एक हो जाने के आह्वान पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणवी एक हो जाते हैं तो एक विधायक भी हिंदू पंजाबी समाज से नहीं बन पाएगा।
सोमवार को यहां जाट धर्मशाला में मीडिया के लोगों से बात करते हुए सांगवान ने हर हरियाणवी से आह्वान किया कि वे किसी हिंदू पंजाबी को वोट न देकर किसी भी हरियाणवी को वोट दें, चाहे वह किसी भी पार्टी से संबंध रखता हो।
जाट नेता ने कहा कि हरियाणा और पंजाब का बंटवारा भाषा के आधार पर हुआ था। पंजाबियों के लिए पंजाब और हरियाणवी के लिए हरियाणा दिया गया था। उस वक्त हरियाणा के अलग होने का तत्कालीन जनसंघ नेता डॉ. मंगल सेन की अगुवाई में विरोध किया, लेकिन अफसोस की बात है कि आज वही पार्टी हरियाणा पर राज कर रही है, जो किसी भी तरह से नैतिक व सैद्धांतिक तौर पर उचित नहीं है।
उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया कि भाजपा सांसद अश्विनी चोपड़ा के बयान का किसी भी हरियाणवी नेता ने बयान का विरोध नहीं किया। हरियाणवी नेताओं ने अपना आत्मसम्मान व स्वाभिमान वोट के लिए गिरवी रख दिया है।
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‘कश्मीरी पंडितों को हरियाणा में बसाने की तैयारी’
रिटायर्ड कमांडेंट सांगवान ने रहस्योद्घाटन किया कि बार-बार सुनने में आ रहा है कि अभी जो पाकिस्तान से हिंदू आ रहे हैं और कश्मीर से जो पंडित आए हैं, उन्हें हरियाणा में बसाने की तैयारी की जा रही है, इसका जोर-शोर से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य एक बहुत छोटा राज्य है, जिसके साधन व स्त्रोत बहुत सीमित है और इतनी बड़ी बाहरी जनसंख्या को अपने में समाए रखना बहुत बड़ा बोझ है। उन्होंने बताया कि पंजाब उग्रवाद के समय पंजाब से लगभग 10 प्रतिशत हिंदू अंबाला से लेकर सोनीपत तक राष्ट्रीय मार्ग के साथ-साथ बस गए। ये लोग दोनों जगह अपना ठिकाना बनाए हुए हैं और इसी कारण पंजाब और हरियाणा से दोनों जगह नौकरियों आदि के फायदे उठाते रहे हैं। इस सच्चाई जानने के लिए जांच आयोग बैठाना चाहिए।