भिवानी। साढ़े तीन साल में 16 करोड़ 24 लाख रुपये का भारी भरकम बजट खर्च किए जाने के बाद भी भिवानी-महम रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ। फिलहाल 65 फीसदी निर्माण के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक्सटेंशन बजट नहीं मिलने पर काम बंद करना पड़ा।
गांव कालुवास के पास रेलवे फाटक पर फरवरी 2020 में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण शुरू हुआ था। पुल निर्माण की दो साल मियाद निर्धारित की गई थी। एक साल एक्सटेंशन भी मिली, मगर अब पांच करोड़ और बजट के चक्कर में काम बंद हो गया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल निर्माण का काम पूरा कराने के लिए सरकार से पांच करोड़ रुपये बजट की मांग भेजी है, लेकिन ये बजट कब आएगा और कब पुल निर्माण पूरा होगा, इस बारे में अधिकारी भी अभी सुनिश्चित नहीं है। ऐसे में 40 हजार वाहनों के साथ साथ आसपास के गांवों के ग्रामीण भी करीब सात किलोमीटर दूर तक घूमकर आवागमन करने पर मजबूर हैं। रोडवेज बसों में भी पुल की वजह से रास्ता बंद है तो भिवानी से महम जाने तक दस रुपये अधिक किराया वसूला जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने जनवरी 2020 में गुरु नानक देव कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग सर्विसेज को पुल निर्माण का काम 16 करोड़ 24 लाख रुपये में दिया था। दो साल में ये पुल बनकर तैयार होना था। कंपनी ने फरवरी में काम आरंभ कर दिया। लेकिन कोविड में काम अधर में लटक गया। इस वजह से पुल का काम पूरा कराने के लिए एक साल एक्सटेंशन भी कंपनी को दी गई। मगर फिर भी काम नहीं हुआ। इसी बीच रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन भी विभाग ने बदल दिया। इसके लिए कंपनी को इनहांसमेंट राशि का केस भी विभागीय अधिकारियों ने मुख्यालय भेज दिया। लेकिन अभी तक न बजट आया न काम आगे बढ़ा। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भी अब काम बंद करना पड़ा। क्योंकि एग्रीमेंट से ज्यादा बजट में कंपनी का काम अधिकारी भी नहीं कर सकते हैं।
860 मीटर लंबाई साढ़े नौ मीटर चौड़ा बनना है रेलवे ओवरब्रिज
भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर कालुवास के पास 860 मीटर लंबा और साढ़े नौ मीटर चौड़ा रेलवे ओवरब्रिज बनना है। पुल का डिजाइन बदलने के बाद पहले छह पाइल्स लगने थे अब नौ पाइल्स हो गए हैं। इसी तरह 22 मीटर गहराई की बजाए साढ़े 28 मीटर गहराई तक पुल को मजबूती दी जानी है। अभी तक टॉप सेक्शन भी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। जबकि रेलवे ओवर ब्रिज का सर्विस रोड भी अधर में ही लटका हुआ है। पुल के दोनों छौर की मिट्टी भराई भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।
साढ़े तीन साल से बंद पड़ा है फाटक पर बड़े वाहनों का रास्ता
भिवानी-महम मुख्य मार्ग गुजरानी मोड़ से हवाई पट्टी तक रास्ता बंद है। इस वजह से भारी वाहन पिछले साढ़े तीन साल से गुजरानी मोड़ होकर गांव गुजरानी होकर वापस महम मार्ग पर आते हैं। इस वजह से वाहनों को करीब सात किलोमीटर अधिक चक्कर लगाना पड़ता है। रोडवेज बसों में सात किलोमीटर वाया के हिसाब से दस रुपये अधिक किराया भिवानी से महम तक का वसूला जा रहा है। इससे लोगों की जेब पर भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
भिवानी-महम मार्ग रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन बदली होने के बाद इसकी इनहांसमेंट राशि का बजट सरकार से मांगा गया है। करीब पांच करोड़ की लागत पुल निर्माण का काम पूरा कराने में आएगी। जब तक बजट नहीं आता तब तक काम बंद है।
-मोहित कनिष्ठ अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।
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