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Bhiwani News: 70 हजार क्विंटल बाजरा से अटी भिवानी मंडी, खरीद हुई सिर्फ नौ हजार 917 क्विंटल

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भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी में वीरवार को हैफेड ने किसानों के बाजरा की सरकारी खरीद के लिए बोली कराई। हैफेड ने वीरवार को भिवानी मंडी में 327 किसानों का नौ हजार 917 क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद कराई। जबकि वीरवार को 448 नए किसान वीरवार को अपनी 10 हजार 644 क्विंटल बाजरा की फसल लेकर मंडी पहुंचे।
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भिवानी मुख्यालय की मंडी में करीब 70 हजार क्विंटल बाजरा पड़ा है। इसकी वजह से मंडी में नए किसानों के लिए बाजरा उतारने के लिए भी जगह नहीं है। वीरवार को भिवानी मंडी का एसडीएम दीपक बाबूलाल करवा ने भी निरीक्षण कर खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

भिवानी मंडी में पिछले एक पखवाड़ा से किसानों की बाजरा की फसल के साथ आवक हो रही है। अब तक जिले भर से करीब साढ़े 1500 किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच चुके हैं। इनका करीब 70 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में पड़ा है। वहीं दो दिन तक बने गतिरोध और आढ़तियों के विरोध के बाद वीरवार को हैफेड ने भिवानी मंडी में बाजरा खरीदा।
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बुधवार को किसानों की परेशानी के बाद आढ़तियों ने विरोध दर्ज करा दिया। इसके बाद विधायक घनश्याम सर्राफ भी मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया था। विधायक ने मुख्यमंत्री से भी किसानों की परेशानी के संबंध में अवगत कराया। दसके बाद आढ़तियों ने भी अधिकारियों के निर्देश पर बाजरा की झराई का काम शुरू किया। हैफेड द्वारा मंडी में बाजरा की खरीद शुरू किए जाने के बाद किसानों की परेशानी थोड़ी कम हुई, मगर अधिकांश किसान अपनी फसल की सरकारी खरीद को लेकर परेशानी झेल रहे हैं।





फसल उत्पादन लेने में किसान की लागत महंगाई की वजह से बढ़ गई है। मगर सरकार मामूली बढ़ोतरी पर एमएसपी किसानों को दे रही है। इसके लिए भी किसानों को मंडियों में नाकों तले चने चबाने पड़ते हैं, क्योंकि सरकारी एजेंसी खरीद में नखरे करती है और आढ़ती झराई और सफाई के नाम पर काटा लेता है। खरीद होने के बाद भी पैसा कब तक खाते में आएगा इसका इंतजार भी करना पड़ता है। इस परेशानी ये बचने के लिए किसान ओने-पोने दामों में बाजरा प्राइवेट बेच रहे हैं।

-जितेंद्र कुमार सुंगरपुर का किसान।





मंडी में सरकार ने बाजरा की खरीद की घोषणा तो कर दी है, मगर अभी तक ग्रामीण मंडियों में बाजरा की कोई खरीद नहीं हुई है। किसान अगर शहर की मंडी में बाजरा लेकर जाते हैं तो उन्हें वहां बाजरा खरीद होगा या नहीं, यह भी सुनिश्चित नहीं है। किसान को पहले उत्पादन लेने के लिए और फिर उसे मंडी में बेचने के लिए कई चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। हमारी मांग है कि सरकार खरीद की व्यवस्था आसान और पारदर्शी बनाए ताकि अधिकारी मनमानी नहीं कर पाएं।

-पवन कुमार, बादलवाला का किसान।

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भिवानी मंडी में वीरवार को हैफेड ने बाजरा की सरकारी खरीद कराई है। 327 किसानों का नौ हजार 917 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है। हैफेड अगर लगातार बाजरा की सरकारी खरीद कराती है तो पहले से मंडी में पड़े बाजरा की खरीद को लेकर दो से तीन दिन का समय और लग सकता है।

-योगेश शर्मा, मंडी सुपरवाइजर भिवानी।


हैफेड द्वारा बाजरा की सरकारी खरीद कराई जा रही है। आढ़तियों से भी बाजरा की झराई को लेकर निर्देश दिए गए हैं। उन्हें स्पष्ट हिदायतें दी हैं कि सरकार के मापदंड के अनुरूप बाजरा की खरीद होगी, इसलिए किसानों के बाजरे की अच्छी तरह से झराई और सफाई कराकर रखें, ताकि खरीद में कोई परेशानी न हो।
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-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।

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बुधवार तक जिले की मंडियों में बाजरा खरीद की ये रही स्थिति

मंडी का नाम-

कुल खरीद (टन)

1. बवानीखेड़ा-

72.20

2. बहल-


00

3. भिवानी-

62.80
4. ढिगावामंडी-

00

5. ईशरवाल-


00

6. जूईमंडी-


00

7. कैरू-


00

8. लोहारू-


00

9. पाजू मंडी-


00

10. सिवानी मंडी-

00

11. तोशाम मंडी-

373.60
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