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मनीषा मौत मामला: CBI ने भिवानी में डाला डेरा, अब तक नहीं की किसी से पूछताछ, ऐसे जोड़ी जा रही मौत की कड़ी

Sat, 06 Sep 2025 08:43 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

मनीषा की मौत को 23 दिन बीत चुके हैं लेकिन यह मामला अब भी हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा हुआ है। पहली और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आने के बाद इस मामले ने प्रदेशभर में बवाल खड़ा कर दिया था।
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मनीषा मौत मामले में सीबीआई की जांच। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चर्चित मनीषा मौत मामले में दिल्ली से आई सीबीआई की छह सदस्यीय टीम लगातार तीसरे दिन भी भिवानी के लोक निर्माण विश्रामगृह में डेरा डाल जांच में जुटी रही। शुक्रवार को भी सीबीआई अधिकारियों ने दिनभर रेस्ट हाउस में ही समय बिताया और मनीषा मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ नहीं की। वहीं दिल्ली एम्स में हुए तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को लेकर मनीषा के परिजनों की उत्सुकता बढ़ गई है। अभी तक परिजन इस रिपोर्ट से अनभिज्ञ हैं जबकि पहली दो रिपोर्टों से भी मौत की गुत्थी सुलझाने में अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 20 अगस्त को मामले की सीबीआई जांच की घोषणा के बाद दो सितंबर की दोपहर सीबीआई टीम भिवानी पहुंची थी। टीम के छह सदस्य दो गाड़ियों में आए और यहां डेरा डालने के बाद भिवानी पुलिस से अब तक की जांच के तथ्य जुटा लिए हैं। हालांकि पुलिस अब इस केस से पूरी तरह अलग हो चुकी है। मनीषा के दादा रामकिशन ने बताया कि उन्हें अभी तक तीसरे पोस्टमार्टम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, न ही सीबीआई अधिकारियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया है।

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सीबीआई की जांच में अहम साबित होगी एफएसएल टीम की वीडियोग्राफी
गांव सिंघानी नहर के पास बाजरे के खेत में वह जगह जहां 13 अगस्त को लोहारू पुलिस ने मनीषा का शव बरामद किया था वहां अब बारिश के कारण जलभराव हो चुका है। रेतीली मिट्टी पर बने पैरों और गाड़ियों के टायरों के निशान भी पूरी तरह मिट गए हैं। हालांकि एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और उस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। सीबीआई अब इन्हीं तथ्यों और वीडियोग्राफी के आधार पर वारदात की कड़ियों को जोड़ने में जुटेगी।

हत्या और आत्महत्या की गुत्थी में उलझी जांच
मनीषा की मौत को 23 दिन बीत चुके हैं लेकिन यह मामला अब भी हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा हुआ है। पहली और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आने के बाद इस मामले ने प्रदेशभर में बवाल खड़ा कर दिया था। फिलहाल सीबीआई के हाथों में जांच आने से माहौल शांत है लेकिन लोगों के मन में अभी भी कई सवाल सुलग रहे हैं। सीबीआई अधिकारी कब तक प्रारंभिक जांच पूरी कर पाएंगे और मनीषा मौत की सच्चाई को सामने ला पाएंगे, इस पर फिलहाल कुछ कहना मुश्किल है।

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मनीषा मौत मामले में चौथे दिन सीबीआई की टीम वारदात स्थल का दौरा करने सिंघानी पहुंची। सीबीआई अधिकारियों ने उस जगह का भी मुआयना किया, जहां मनीषा के शव को पहली बार क्षत विक्षप्त हालत में देखा गया था। लगातार तीन दिनों तक सीबीआई के अधिकारी भिवानी के रेस्ट हाउस में ही ठहरे हुए थे। लेकिन शनिवार को चौथे दिन सीबीआई की टीम ने मनीषा मौत मामले की जांच के लिए वारदात स्थल के अलावा कॉलेज में भी पहुंची। जहां मनीषा मौत से जुड़ी जानकारी के संबंध में लोगों से भी पूछताछ की। 

शनिवार दोपहर को सीबीआई की दो गाड़ियाें में छह सदस्यीय टीम सिंघानी नहर के पास पहुंची, जहां मनीषा का शव पहली बार देखा गया था। इस जगह पर अब बारिश में पानी भरा है वहीं रेतीली भूमि पर पैरों व गाड़ियों के टायरों के निशान तक मिट चुके हैं। हालांकि सीबीआई ने उस जगह पर प्रारंभिक नजर दौड़ाई है, जबकि अब वहां पर मौत से जुड़े सबूतों के मिलने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि एफएसएल टीम ने यहां कुछ चीजें जुटाई थी और वीडियो ग्राफी भी कराई थी। सीबीआई की टीम ने करीब 15 से 20 मिनट तक मनीषा के शव मिलने की जगह का मुआयना किया। इसके बाद वह सिंघानी कॉलेज में भी पहुंची। गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय प्ले स्कूल की शिक्षिका मनीषा का शव 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास बाजरे के खेत में मिला था। जबकि वह घर से 11 अगस्त की सुबह प्ले स्कूल जाने के लिए निकली थी। 12 अगस्त को मनीषा के पिता संजय ने लोहारू पुलिस थाना में बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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