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Bhiwani News: भिवानी-घग्गर ड्रेन के पानी ने रामुपुरा के पास फिर लांघा किनारा, 100 एकड़ भूमि में जलभराव

Sat, 12 Jul 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 रामुपुरा के पास ओवरफ्लो हुई घग्गर ड्रेन
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बवानीखेड़ा। भिवानी-घग्गर ड्रेन का पानी गांव रामुपुरा में फिर से किनारा लांघ गया। ड्रेन के किनारे भी ओवरफ्लो होने से कमजोर हो गए। जिसके चलते आसपास के करीब 100 एकड़ भूमि में खड़ी फसल में दो से तीन फीट तक जलभराव हो गया। किसानों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि अगर पानी की निकासी नहीं हुई तो उनकी मूंग, बाजरा, कपास, ज्वार की फसल खराब हो जाएगी।
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वहीं खेतों के साथ-साथ आबादी वाले इलाके में भी ड्रेन व बारिश का पानी पहुंच गया। बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने जलभराव का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को जलनिकासी के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी क्षतिग्रस्त ड्रेन के किनारों को मजबूत करने के लिए मिट्टी के कट्टों का बंद लगवा दिया।
50 किलोमीटर लंबी इस ड्रेन में पूरे भिवानी शहर और 35 गांवों का बरसाती पानी आता है इसके अलावा अन्य तीन लिंक ड्रेन का पानी भी भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जाता है। मानसून सीजन में बारिश के दौरान इस ड्रेन पर पानी का दबाव बढ़ जाता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्दी ही उनकी फसलों से पानी निकासी का प्रबंध किया जाए। मौके पर मौजूद किसान नरेश कुमार, संजय चौहान, राजपाल, सुमेर, कमल सिंह, पूर्व सरपंच संदीप पवार ने बताया कि ड्रेन के दोनों किनारे टूटने से खेतों में जलभराव के साथ ही सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल व उनकी मोटर भी पानी में डूब गईं। खेतों में बने कमरों में रखा बीज, खाद, दवाइयां व अन्य घरेलू सामान भी जलभराव की वजह से खराब हो गया
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किसानों ने कहा कि यदि उनकी फसलों में दो-तीन दिन में पानी की निकासी करवाई गई तो उनकी फसलों में भारी नुकसान होने का अंदेशा है। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले ड्रेन का किनारा टूटने पर उन्होंने प्रशासन को चेताया भी था लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। किसानों का आरोप है कि ड्रेन की ठीक से सफाई तक नहीं कराई गई। शुक्रवार को मौके पर कार्यकारी अभियंता सहित सिंचाई विभाग की पूरी टीम क्षतिग्रस्त ड्रेन को दुरुस्त कराने में जुटी रही। काफी संख्या में मजदूर भी ड्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से को मिट्टी के कट्टों से मजबूत बंद लगाने में जुटे रहे।
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ड्रेन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई
किसानों ने बताया कि ड्रेन के दोनों किनारों पर अच्छी तरह से मिट्टी नहीं लगाई गई केवल खानापूर्ति करके प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया। इसी वजह से ड्रेन दूसरी बार किनारों से टूटी है। ड्रेन के दोनों किनारे टूटने की सूचना मिलते ही हिसार से सिंचाई विभाग के दो कनिष्ठ अभियंता जॉनी व सुधीर मौके पर आए तथा उन्होंने ड्रेन का अच्छी तरह से मुआयना किया। अधिकारियों ने बताया कि ड्रेन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर ली गई है इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।



ड्रेन ओवरफ्लो होने से लगभग 100 एकड़ में फसल जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लगातार कॉल कर रहे हैं। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। अगर विभाग इस ड्रेन की समय पर सफाई करवा देता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
-नरेश किसान
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तीन दिन से ड्रेन ओवरफ्लो है। अगर समय रहते इसकी सफाई करवा दी जाती तो इलाके में पानी भरने से बचाया जा सकता है।
अधिकारियों को सूचना दे रहे हैं। अधिकारी आकर सिर्फ देखकर वापस चले जाते हैं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
-संजय किसान
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ड्रेन में कचरा पहले से ही जमा था। अधिकारियों को लगातार मोटर लगाने के लिए कह रहे हैं लेकिन अधिकारियों से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ड्रेन का पानी हमारी फसलों को भी बर्बाद कर रहा है।
-संदीप किसान
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ड्रेन में बारिश के बाद पानी का दबाव बढ़ गया है। यहां पर ड्रेन कच्ची है, जिस वजह से इनके किनारे बार-बार टूट रहे हैं। अधिकारियों को चाहिए कि जहां पर पानी का अधिक दबाव बनता है वहां पर ड्रेन को पक्का कराया जाए ताकि इसका स्थायी समाधान हो।
-कमल किसान


हमने कपास की बिजाई की थी। अब बारिश के बाद फसल थोड़ी बेहतर हुई थी कि खेतों में तीन से चार फीट पानी भर गया है। इसकी निकासी के लिए सिंचाई अधिकारियों को गुहार लगा रहे हैं लेकिन समय रहते पानी निकासी की उम्मीद कम है। ऐसे में बिजाई की गई फसल भी नष्ट हो जाएगी।
-राजपाल किसान

विधायक ने मुआयना कर दिए पानी निकासी के निर्देश
विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने जलभराव इलाकों का मुआयना कर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द पानी निकासी के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि किसानों की फसलों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए वहीं आबादी में हुए जलभराव के लिए भी जिला प्रशासन व संबंधित विभाग जरूरी संसाधन जुटाकर पानी निकासी की समय रहते व्यवस्था कराएं।
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