कोविड-19 के खतरे के बीच भीम स्टेडियम में भी खिलाड़ी सुरक्षित रहे इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। अब खिलाड़ियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा। साथ ही प्रवेश द्वार पर ही सभी खिलाड़ियों, कोच को सैनिटाइज किया जाएगा। हालांकि अभी खिलाड़ियों को सामुदायिक दूरी के साथ ही अभ्यास करने की हिदायत है।
खेलों पर भी कोरोना वायरस की मार है और खिलाड़ी खुलकर अभ्यास करने के लिए भी तरस रहे हैं। पिछले दिनों खिलाड़ियों को भीम स्टेडियम में अभ्यास की अनुमति दे दी गई थी। औसतन हर रोज दो हजार तक खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करने स्टेडियम आते हैं। स्टेडियम में खिलाड़ियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में खिलाड़ी और कोच अपनी सुरक्षा को लेकर हर समय चिंतित रहते थे।
इसी मामले को जिला खेल अधिकारी सतविंद्र गिल ने उपायुक्त के समक्ष रखा। जिसके बाद उपायुक्त ने खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर खरीदने की अनुमति दी। अब जिला खेल विभाग यह सामान खरीदने की तैयारी में है। पांच थर्मल स्कैनर खरीदे जाएंगे तो खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार सैनिटाइजर और मास्क। मुख्य गेट पर ही जांच का सिस्टम तैयार किया जाएगा। जहां से थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज होने के बाद ही खिलाड़ी मैदान में जा सकेंगे। इंडोर खेल मैदानों को भी सैनिटाइज करवाया जाएगा।
मास्क भी लगाकर नहीं आते खिलाड़ी
खेल मैदान पर भले ही खिलाड़ियों के लिए मास्क लगाना संभव न हो मगर अधिकतर खिलाड़ी घर से खेल मैदान तक आने के दौरान भी मास्क नहीं लगाते। ऐसे में नई व्यवस्था यह बनाई जा रही है कि सभी खिलाड़ियों को घर से मास्क लगाकर आने की हिदायत दी जाएगी। जिनके पास मास्क नहीं है, उन्हें खेल विभाग की ओर से मास्क दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा खिलाड़ियों की जांच
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के चलते सभी खिलाड़ियों, कोच का कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है। दो दिन से स्वास्थ्य विभाग की टीम शाम के समय स्टेडियम पहुंचकर कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल ले रही है।
खिलाड़ियों और कोच को भी कोरोना वायरस का खतरा रहता है। आज उपायुक्त ने थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर, मास्क खरीदने की अनुमति दे दी है। पांच थर्मल स्कैनर खरीदे जाएंगे। खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार मास्क और सैनिटाइजर खरीदा जाएगा। सारे इंडोर हॉल को भी सैनिटाइज करवाया जा रहा है।
- सतविंद्र गिल, जिला खेल अधिकारी