भिवानी के गांव खरक कलां में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
भिवानी। गांव खरक कलां में राजान पाना परस में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। इसके चौथे दिन वीरवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथाव्यास पंडित ब्रजमोहन कौशिक ने कहा कि प्रभु की कृपा से ही मनुष्य के जीवन में अच्छे और बुरे दिन आते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है। कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते हैं। इसी कारण भगवान कृष्ण के जन्म के समय जेल के ताले टूट गए और सारे पहरेदार सो गए। वासुदेव और देवकी बंधन मुक्त हो गए। भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी जमुना पार करके उन्हें गोकुल पहुंचा दिया। वहां से वह यशोदा के घर पैदा हुई शक्ति रूपा बेटी को लेकर चले आए।
कथाव्यास पंडित कौशिक ने कहा कि जब भी धरती पर अत्याचार बढ़ा, तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए धरती पर अवतरित हुए। उन्होंने कहा कि भगवान से सच्ची श्रद्धा एवं प्रेम करने वाला ही भगवान का सच्चा भक्त होता है। भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य का उद्धार होता है।
इस दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारे करते हुए लोग झूमने-नाचने लगे। इससे पहले रामफल शर्मा एवं डाॅ. नवीन ने कथा का शुभारंभ किया। इस दौरान वासुदेव, सुभाष जांगड़ा, करण सिंह परमार, ओमप्रकाश, रामपाल शर्मा, रामधारी शर्मा, पंकज, अमित, अशोक एवं समस्त महिला भजन मंडली शामिल रही।