जिला न्यायालय परिसर का मुख्य गेट।
भिवानी। बार एसोसिएशन के चुनाव इस बार अप्रैल में होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि भिवानी बार एसोसिएशन का कार्यकाल 16 दिसंबर को पूरा हो जाएगा।
दरअसल, हरियाणा और पंजाब के अधिवक्ताओं ने बार का कार्यकाल एक साल के बजाय दो साल किए जाने की मांग बार काउंसिल पंजाब हरियाणा को भेजी थी, जिसके बाद ये मामले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष पहुंचा, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। इसके बाद हरियाणा और पंजाब के अधिवक्ताओं ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब ये मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित हैं, ऐसे में बार के चुनाव भी कार्यकाल पूरा होने के बावजूद टल सकते हैं।
भिवानी बार एसोसिएशन में पिछले चार योजनाओं से एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया ही बार प्रधान बनते आ रहे हैं। अधिवक्ताओं की इस मांग पर बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा भी सहमति जता इस मामले को काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष भेज चुकी है। लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अभी इस मामले को लंबित रखा है। ऐसे में अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में ये मामला रखा है। जिस पर अभी सुनवाई चल रही है। ऐसे में बार के चुनाव या तो अप्रैल में होंगे या फिर अगले साल दिसंबर तक के लिए टल सकते हैं।
बार चुनाव एक साल के लिए होते हैं, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा के अधिवक्ताओं की तरफ से दो साल में बार चुनाव कराए जाने की मांग रखी है। इस पर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने भी सहमति जता दी है। लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। दिसंबर में बार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की वजह से चुनाव अप्रैल या फिर अगले साल दिसंबर में होने की संभावना भी बनी है।
- एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन भिवानी।