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38 लाख का लोन नहीं चुकाया तो गारंटर का 65 लाख का मकान किया सील

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bank loun recovri - फोटो : Bhiwani
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शुक्रवार सुबह चरखी दादरी के एक बैंक से लिए गए 38 लाख रुपये की लोन राशि नहीं चुकाने पर अधिकारियों की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ महम रोड स्थित विद्यानगर कॉलोनी में रिटायर्ड फौजी के घर पहुंची। जहां पूर्व फौजी का परिवार रह रहा था। परिवार को दो घंटे का समय मकान खाली करने के लिए दिया गया। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने न मकान को सील किया। मकान मालिक ने दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अपना सामान भरकर बैंक कॉलोनी में ही एक व्यक्ति के घर आसरा लिया।
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शुक्रवार को विद्या नगर कॉलोनी में पहुंची टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि चरखी दादरी के बैंक ऑफ इंडिया द्वारा गांव मेहडा के सांगवान फीड मिल द्वारा करीबन 38 लाख रुपये का लोन दो साल पहले लिया गया था। जो राशि ब्याज सहित लगातार बढ़ती जा रही थी। बैंक द्वारा लोन राशि जमा कराने के संबंध में बार-बार नोटिस जारी किए गए और काफी बार हिदायतें भी जारी की गई। लेकिन लोन राशि नहीं चुकाई गई। इसी लोन में गांव झुप्पा कला और हाल विद्यानगर कॉलोनी में रहने वाला अजीत था। अजीत पूर्व सैनिक है। जिसने लोन दिलाते समय खुद को गारंटर के तौर पर दर्शाया था। अजीत ने बताया कि मेहडा निवासी किसी दूर के रिश्तेदार ने बैंक से लोन लिया था, जिस पर वह गारंटर बना था। बैंक में करीबन 30 लाख रुपये की राशि लोन की ऐवज में भरी जा चुकी हैं, जबकि बैंक ने इसी राशि पर काफी ब्याज बनाया हुआ था। जिस पर बातचीत भी चल रही थी। लेकिन गारंटर के तौर पर बैंक ने शुक्रवार को विद्यानगर कॉलोनी में पहुंचकर उसके करीबन 65 लाख कीमत के मकान को सील कर दिया।
अजीत ने बताया कि पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ आई टीम ने उसे सिर्फ दो घंटे की मोहलत अपना सामान निकालने के लिए दी थी। जबकि इसी मकान के अंदर निर्माण का काम भी चल रहा था। दो ट्रेक्टरों के माध्यम से उसने जरूरी घरेलू सामान निकालकर बैंक कॉलोनी में रहने वाले अपने गांव के ही एक व्यक्ति के पास आसरा लेना पड़ा। अजीत का आरोप है कि गारंटर के तौर पर बैंक के पास उसने न तो मकान की रजिस्ट्री गिरवी रखी थी और न ही जमीन की कोई फरद दी थी, लेकिन फिर भी अचानक उसकी संपत्ति को सील कर दिया गया। अब वह न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण में जाने पर मजबूर हो गया है। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना कि मेहड़ा गांव की सांगवान फीड फर्म के नाम से लोन लिया गया था, जिसे निर्धारित अवधि में नहीं चुकाया गया, लोन की कुछ राशि ही जमा कराई गई। जबकि इस राशि पर बैंक का लगातार ब्याज लगता रहा और काफी बार नोटिस भी दिए गए। मगर फिर भी लोन अदायगी नहीं की गई। बैंक ने अपने कानूनी अधिकार के तहत जिला प्रशासन से डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कराकर गारंटर अजीत के मकान को सील किए जाने की प्रक्रिया पूरी की है। बैंक द्वारा मकान सील किए जाने के दौरान भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
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एसएचओ औद्योगिक थाना क्षेत्र सतबीर सिंह ने बताया कि बैंक की ओर से लोन नहीं चुकाने पर अजीत सिंह का मकान सील किया गया है। उन्हें सुरक्षा के लिए साथ लिया गया था।
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