भिवानी। कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉक डाउन के दौरान पैरोल पर रिहा किए गए बंदी-कैदी लौटने लगे हैं। प्रथम चरण में जिले के आठ बंदी-कैदियों को 23 फरवरी तक लौटना था। सभी आठ लौट आए हैं। लौटे सभी का कोरोना टेस्ट करवाया गया और उन्हें क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण मार्च माह से करीब छह माह तक के लिए लॉकडाउन लगा था। बंदियों को बीमारी से बचाने के लिए उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया था। जिले के 134 बंदियों, कैदियों को फरलो दी गई थी। अब कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत कमजोर पड़ चुका है और सारी चीजें धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। जिसके बाद फरवरी के दूसरे सप्ताह में चंडीगढ़ में हाई पावर्ड कमेटी की बैठक हुई। जिसमें सभी कैदियों और बंदियों को अलग-अलग चरण में वापस लौटने की हिदायत जारी की है। इसी कड़ी में प्रथम चरण में 23 फरवरी तक निर्धारित बंदियों/कैदियों को लौटना था। अब दूसरे चरण पांच मार्च तक नौ बंदियों को वापस लौटना है। नौ चरणों में पैरोल पर रिहा किए गए बंदियों, कैदियों को वापस लौटना है।
जेल अधीक्षक सत्यवान ने बताया कि पहले चरण के निर्धारित सभी आठ बंदी-कैदी लौट आए हैं। अब दूसरे चरण के तहत पांच मार्च तक नौ को लौटना है। इसी तरह अलग-अलग चरण में सभी को लौटना है। लौटे सभी का कोरोना टेस्ट करवा क्वारंटीन किया गया है।
तीन नए कोरोना संक्रमित आए सामने, तीन हुए ठीक
मंगलवार को पांच नए कोरोना संक्रमित केस सामने आए। जिनमें एक दूसरे जिले का होने के कारण रेफर कर दिया गया वहीं एक की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। अब रिकॉर्ड में मंगलवार को तीन केस जुड़े। अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 6342 तक पहुंच गया है। जिनमें 6191 ठीक हो चुके हैं। राहत भरी खबर है कि तीन ठीक भी हुए। अब एक्टिव केस छह है।