बहल। कस्बे का बस अड्डा देखरेख के अभाव में जर्जर हालत में है। बस अड्डे पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तो दूर की बात है, यात्रियों के बैठने तक की जगह नहीं है। सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरा परिसर गंदगी और कचरे से अटा पड़ा है। बस के इंतजार में यात्रियों को बिल्डिंग से बाहर ही खड़ा होना पड़ता है।
बारिश के समय तो हालत और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। सड़क मार्ग से बस अड्डे का लेवल नीचा होने के कारण बारिश का पानी अड्डे के अंदर जमा हो जाता है और वहां न बस अंदर जा पाती है और न ही सवारी। ऐसे समय में सवारियों को बस अड्डे के बाहर सड़क पर ही खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय बनाए गए थे, पर सफाई नहीं होने की वजह से उनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। बस अड्डा पर पेयजल के लिए कोई सुविधा नहीं है जिस वजह से यात्रियों को पानी खरीदकर ही प्यास बुझानी पड़ रही है।
इनेलो शासनकाल में बना था बहल का बस अड्डा
करीब बीस साल पहले इनेलो सरकार में तत्कालीन सांसद अजय सिंह चौटाला व तत्कालीन शिक्षा मंत्री बहादुर सिंह के प्रयास से बस अड्डे का निर्माण हुआ था। अनाज मंडी से जगह लेकर इसे बनाया गया तो सभी सुविधाएं देने का आश्वासन मिला था। पर, यह महज एक क्यू शेल्टर से ज्यादा नहीं बन पाया। लिहाजा, लोगों के बस अड्डा में सुविधाओं के विस्तार का इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ। अनाज मंडी की पार्किग भी खत्म हो गई और बस अड्डा भी पूरा नहीं बन सका।
प्रस्तावित है नया बस अड्डा, साल भर पहले हुआ था शिलान्यास
पुराने बस अड्डा पर सुविधाएं सीमित होने व जगह की कमी के चलते परिवहन विभाग ने नए बस अड्डे के लिए कवायद शुरू की थी। राजगढ़ रोड पर थाना परिसर के साथ लगती करीब चार एकड़ जगह चयनित होने के बाद इसे पुलिस विभाग के नाम से इसे परिवहन विभाग के नाम ट्रांसफर भी किया गया था। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 दिसंबर 2023 को तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने इसका सिंघानी रैली में शिलान्यास किया था। करीब एक साल के अरसे के दौरान विभाग एक ईंट भी नहीं लगा पाया है। लोगों ने अनेक बार नए बस अड्डे के निर्माण की प्रक्रिया बढ़ाने के लिए मांग की है, पर अभी फाइल विभागीय कार्रवाई में ही उलझी हुई है।
बस अड्डे पर सुविधाएं नहीं होने से यात्रियों को हर रोज की परेशानी हो रही है। न कोई सुविधा है न हीं कोई व्यवस्था। चारों तरफ गंदगी का आलम है। चहारदीवारी भी टूटी पड़ी है। नए बस अड्डे के लिए विभाग गंभीर नहीं है। जमीन ट्रांसफर, शिलान्यास सहित सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं किया जाना विभाग की नाकामी है।
- राजेश अग्रवाल, सोशल एक्टिविस्ट, बहल।
नए बस अड्डे के लिए सभी औपचारिकता पूरी किए जाने के बाद भी परिवहन विभाग की लेटलतीफ समझ में नहीं आ रही है। किसी भी योजना का शिलान्यास सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी रखा जाता है तो अब इसके निर्माण में देरी क्यों की जा रही है। बहल जैसे विकास की और अग्रसर कस्बे में बस अड्डा की सुविधा का अभाव बड़ी परेशानी का कारण है।
- जयकुमार शर्मा, बहल निवासी।
बहल में बस अड्डे निर्माण के लिए परिवहन विभाग की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। फाइल लोक निर्माण विभाग के आर्किटेक्ट के पास है। जैसे ही वहां से फाइल मिलेगी तो परिवहन विभाग आगामी कार्रवाई शुरू कर देगा।
- सरबजीत सिंह, परिवहन अधिकारी, चंडीगढ़।