आयुष्मान भारत योजना में गोल्डन कार्ड होने के बावजूद इसका लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। अब तक भिवानी के लोगों ने हिसार के निजी अस्पतालों पर गोल्डन कार्ड होने के बावजूद रुपये वसूलने के आरोप लगाए थे। अब नया मामला शहर का ही है। शहर के ही एक निजी चिकित्सक पर आरोप है। सिविल सर्जन का मामले में कहना है कि उनके पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सिर में समस्या थी, ऑपरेशन हुआ और रुपये लगे
टिटानी वासी सुखबीर ने बताया कि उसकी बेटी को सिर में समस्या थी। रोहतक रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाया। उनका गोल्डन कार्ड है। बावजूद इसके ऑपरेशन के रुपये लगे है। इस बारे में चिकित्सक को बताया भी। उन्हें कहा गया कि लिस्ट में देखना पड़ेगा, टाइम लगेगा। इससे बेहतर है कि बीमारी खत्म करने पर ध्यान दें। उनके ऑपरेशन का पूरा शुल्क लगा और वे इस बारे में सोमवार को सिविल सर्जन को शिकायत भी करेंगे। लेबर कॉलोनी वासी रामकिशन, चिरंजीव कॉलोनी वासी राजबीर भाटी ने इलाज पर क्रमश: 36 हजार और 60 हजार रुपये खर्च आने के आरोप लगाए थे।
पहले भी आया था फर्जीबाड़े का मामला
आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले भी एक अस्पताल पर फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। आरोप थे कि चिकित्सक ने ऑपरेशन कुछ किए और दिखा दिए कुछ। मरीजों से भी शुल्क वसूला गया। बाद में इसकी चंडीगढ़ मुख्यालय की टीम ने निरीक्षण किया। हालांकि सूत्र बताते है कि चिकित्सक ने बाद में मरीजों को राशि लौटा दी थी।
आयुष्मान भारत योजना एक बेहतरीन योजना है और मरीजों को इसका फायदा भी मिल रहा है। पांच लाख रुपयेतक इलाज पर खर्च आते है तो मरीज को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। चिकित्सक द्वारा गोल्डन कार्ड होने के बावजूद रुपये लेने की शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन