भिवानी। एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप कराने का अंतिम अवसर है। एसडीएम एवं आरटीए सचिव महेश कुमार ने वाहन मालिकों से स्वेच्छा से पुराने वाहन स्क्रैप कराने और सरकार की परिवर्तन योजना के तहत बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की अपील की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों के दायरे में आने वाले वाहनों को अन्यथा प्रशासन की ओर से जब्त किया जाएगा। महेश कुमार ने निजी बस, ट्रक और मालवाहक वाहन मालिकों से निर्धारित समय सीमा और प्रदूषण मानकों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुराने प्रतिबंधित कॉमर्शियल वाहनों को एनसीआर में चलाने या यहां लाने से बचें। पुराने वाहन के स्थान पर कम प्रदूषण फैलाने वाला नया वाहन अपनाने से नियमों के उल्लंघन से बचने के साथ आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।
एसडीएम ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनसीआर में चलने वाले पुराने प्रदूषणकारी ट्रकों और बसों को बदलने के लिए यह योजना शुरू की है। इसके तहत बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के पुराने वाहनों की जगह बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों और ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं ताकि जिले के लोग इसका पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) वाले वाहनों को ही ईंधन दें। इसके साथ ही बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
परिवर्तन योजना में मिलेंगे ये लाभ
योजना के तहत बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के पुराने वाहन अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कराने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिल सकती है। इसके अलावा वाहन निर्माता की ओर से नए वाहन की कीमत में आठ प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट और पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान सहित अन्य लाभ भी दिए जा सकते हैं। आरटीए सचिव ने कहा कि प्रतिबंधित पुराने वाहन चलाकर परेशानी उठाने के बजाय समय रहते उन्हें बदलना बेहतर विकल्प है। इससे वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और वाहन मालिकों को योजना का आर्थिक लाभ भी मिलेगा।