शहर में रेहड़ियां खड़ी करने वालों के लिए बुरी खबर है। वे मनमर्जी मुताबिक जहां-तहां अपनी रेहड़ियां लगाने को स्वभिवानी। तंत्र नहीं होंगे।
अब पूरे शहर में सिर्फ 12 स्थानों पर ही रेहड़ियां लगाई जा सकेंगी। इसके अलावा किसी अन्य जगहों पर अगर रेहड़ी खड़ी मिली तो कानुनी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। इसके तहत पहले चालान काटा जाएगा और फिर दोबारा गलती दोहराई तो कानूनी कदम भी उठाया जाएगा। जी हां, शहर को अतिक्रमण और जाम से मुक्त बनाने के अभियान के तहत प्रशासन ने यह फैसला लिया है। जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू होगी।
शहर में रोजाना लगने वाले जाम का एक प्रमुख कारण सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से लगने वाली रेहड़ियां भी हैं। पूरे शहर में करीब डेढ़ हजार से अधिक रेहड़ियां मौजूद हैं। 1159 रेहड़ियों का पंजीयन तो नगर परिषद के पास भी उपलब्ध है। कमाई के फेर में संचालक जहां-तहां रेहड़ी खड़ी कर देते हैं।
कई जगह तो रेहड़ियों के कारण ही सड़क भी संकरी हो गई है। वैसे नगर परिषद ने रेहड़ियों के लिए पहले से ही स्थान तय कर रखा है। मगर इसका कोई पालन नहीं कर रहा। नगर परिषद की ढिलाई के कारण रेहड़ी संचालक भी बेखौफ हैं। ऐसे में शहर में रेहड़ियां अव्यवस्थित फैली हुई है। अब प्रशासन इन्हें व्यवस्थित कराकर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कवायद में जुट गया है।
इन स्थानों पर ही लगेंगी रेहड़ियां
रोहतक गेट का पिछला हिस्सा, हुडा झंकार, भगत सिंह चौक, सिटी सेंटर, केएम पार्क, पुराना एसडीएम आवास, काठ फैक्ट्री, एचवीपीसी बिल पेमेंट ऑफिस के पास, दिनोद फाटक, ओवर ब्रिज के समीप मार्केट, बंसीलाल पार्क, दादरी गेट वाटर टैंक।
हर तरह की रेहड़ी के लिए तय होगा स्थान
यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किस तरह की रेहड़ी कहां लगाई जाएगी। प्रशासन ने नगर परिषद से इसके अनुसार नक्शा भी तैयार करने को कहा है। उसी आधार पर रेहड़ियां लगाना सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी है।
स्थापित होंगे पुराने पार्किंग स्थल
रेहड़ियों के अलावा वाहनों की पार्किंग के लिए भी शहर के पुराने पार्किंग स्थलों को फिर से वजूद में लिया जाएगा। करीब पांच वर्ष पहले शहर में एक दर्जन पार्किंग स्थल बनाए गए थे। नेहरू पार्क, घंटा घर, केएम पार्क, सिटी सेंटर सहित अन्य स्थानों पर बने पार्किंग स्थल अफसरों की अनदेखी से खत्म होते गए। छूट के कारण पार्किंग जोन में वाहन खड़ी करने की बजाय वाहन स्वामी शहर के व्यस्त बाजारों में बीच सड़क गाड़ियां खड़ी कर खरीदारी करने चले जाते हैं। इससे अन्य लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।