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Bhiwani News: शहर में पानी की खपत घटी तो प्रेशर से बढ़ी चार दशक पुरानी लाइनों में लीकेज

Sun, 26 Oct 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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शहर के दिनोद गेट के समीप सड़क के बीच खोदा गया गड्ढा
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भिवानी। गुलाबी ठंड के आगाज के साथ ही शहर में पानी की खपत कम होने लगी है। ऐसे में चार दशक पुरानी पानी लाइनों में पानी के बढ़ते प्रेशर के कारण लीकेज की समस्या फिर से बढ़ गई है। शहर के कई हिस्सों में पुरानी लाइनों के फटने और लीकेज के कारण पानी सड़कों पर फैल रहा है और घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 133 करोड़ रुपये का मसौदा मुख्यालय भेजा था लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने भिवानी में शहरी पेयजल के लिए करीब 100 किलोमीटर लंबी नई लाइनें डालने और पंपिंग मशीनरी की क्षमता बढ़ाने का खाका तैयार किया था। लेकिन छह माह से यह मसौदा मुख्यालय में अटका हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण पानी की खपत कम होने से लाइनों में पूरा प्रेशर बना हुआ है जिससे पुरानी कमजोर लाइनों में लीकेज होने लगी हैं। मिनी बाईपास, दिनोद गेट, लाला लाजपतराय चौक, रेलवे रोड, दादरी गेट, बावड़ीगेट सहित कई पॉश कॉलोनियों में पानी की लाइनें लीक हो रही हैं।

नहरों में पानी बंद, टैंक लबालब
नहरों में पानी अब बंद हो चुका है। करीब एक सप्ताह पानी सप्लाई होने के बाद नहरें बंद की गई हैं। शहर के जलघरों के टैंक लबालब भरे हैं और शेड्यूल में कोई कटौती नहीं की गई है। टेल एरिया तक पानी पहुंचाने के लिए शहर के तीनों पंपिंग स्टेशनों से लाइनों में पूरा प्रेशर बनाया जाता है।
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सड़क खोदकर छोड़े गड्ढे नहीं हुआ समाधान
जनस्वास्थ्य विभाग के पास रोजाना 15-20 जगहों से लीकेज और घरों में दूषित पानी आने की शिकायतें आती हैं। विभाग के कर्मचारी लीकेज ढूंढने के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ देते हैं जिससे न तो समस्या का समाधान होता है और न ही लीकेज रुकती है। इस कारण सड़कों पर हजारों लीटर स्वच्छ पानी व्यर्थ में बह जाता है।

वाल्व की लीकेज से होद में जमा हो रहा पानी
शहर में जगह-जगह लगे वाल्व की लीकेज से होद के अंदर पानी जमा हो रहा है जो आसपास के कूड़े-कचरे के कारण दूषित हो जाता है। लीकेज के जरिये यह दूषित पानी आपूर्ति में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है।

सीवर लाइनों के बेहद करीब हैं पानी की लाइनें
शहरी इलाके में चार दशक पुरानी पानी की लाइनें सीवर लाइनों के बेहद करीब हैं और कई जगह क्रॉसिंग भी करती हैं। यही लीकेज का मुख्य कारण है। इन लाइनों को बदलने का खाका और ड्राइंग मुख्यालय भेजी गई है लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।


शहर के अंदर सीवर और पानी की लाइन लाइनों का खाका तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है। अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। शहर के जिन हिस्सों में पानी की लाइनों की लीकेज व दूषित आपूर्ति की शिकायतें मिल रही हैं वहां समाधान कराया जा रहा है। विजय नगर कॉलोनी में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत थी जिसका समाधान किया जा चुका है। सर्दी के मौसम में पानी की खपत कम हो जाती है। -सुनील कुमार रंगा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
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