जहां एक ओर सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर महामारी घोषित कर सतर्कता बरती जा रही है। वहीं समाजसेवी संस्थाओं ने इस संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन पद्धति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में आर्य समाज ने घर-घर में हवन कराकर लोगों को इस जानलेवा बीमारी को दूर रखने का बीड़ा उठाया है।
कस्बे के आर्य समाज मंदिर द्वारा रविवार को इस काम की शुरूआत की गई है। आर्य समाज से जुड़े आर्यवीर युवाओं व युवतियों ने अपने अभियान के पहले ही दिन करीब आधा दर्जन घरों में हवन किया तथा परिवारजनों को साप्ताहिक हवन के लिए प्रेरित किया। आर्यवीरों ने घर-घर हवन रचाएंगे, कोरोना को हराएंगे अभियान के तहत यह फैसला लिया है कि आर्य समाज से जुड़े युवा बहल क्षेत्र के सभी गांवों में जाकर लोगों से हवन करवाने के लिए आग्रह करेंगे। युवा लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करेंगे कि हवन से कोरोना ही नहीं, अन्य बहुत सी बीमारियां वातावरण की शुद्धि से नजदीक नहीं आती है इसलिए वे हवन अपने घर, परिसर में हवन रचाएं तथा वातावरण का शुद्ध करें।
वायरस से बचाव के लिए आर्यवीरों द्वारा किए जाने वाले हवन के लिए विशेष सामग्री तैयार की गई है। हवन के लिए गुरुकुल झज्जर से विशेष रूप से तैयार की गई हवन सामग्री प्रयुक्त की जा रही है वहीं इसमें कोरोना को लेकर कुछ और आयुर्वेद से जुड़ी जड़ी बूटियां मिलाई जा रही है। हवन सामग्री के अलावा स्थानीय आर्यवीर इसमें जावत्री, जायफल, लोंग, काली मिर्च, सूखा आंवला, नीम, तुलसी पत्ता, गिलोय की लकड़ी, गाय का देशी घी, गुड़ व समी वृक्ष की समीधा का प्रयोग किया जा रहा है। आर्यवीरों का दावा है कि एक बार हवन से घर को एक सप्ताह तक किसी प्रकार के वायरस से मुक्त रखा जा सकता है।