भिवानी। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने विपक्ष का सामना करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जोश की घुट्टी पिलाई और विपक्ष से सियासी लड़ाई की रणनीति भी समझाई। कार्यकर्ताओं से कहा, अपनी और पार्टी की ताकत पहचाननी होगी। विपक्ष उन्हें रोकना चाहता है, उसे (विपक्ष) जवाब दें। पूर्व आर्मी चीफ कार्यकर्ताओं को खरी-खरी कहने से भी नहीं चूके, बोले- वे अब विपक्ष की सोच से निकलें और सत्तारूढ़ पार्टी वाली सोच के साथ काम करें। विपक्ष भाजपा के हर काम व कदम को जातिवाद व धर्म का रंग देना चाहता है, इसलिए विपक्ष से लड़ने के लिए मुस्तैद और सशक्त बनाना होगा।
बुधवार को नेकीराम सभागार में अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने आए केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और भाजपा के वर्कर के बीच तुलना करके तफसील से समझाया कि उन्हें आगे क्या करना है। उन्होंने कहा कि उनके राज में विकास कार्य न होने के बावजूद कांग्रेस का वर्कर ज्यादा मुखर है। हम काम करके भी लोगों को बता नहीं पा रहे हैं। बहुत काम हमारी सरकार कर रही है और बहुत कर चुकी है। यह वर्कर की सोच का फर्क है। अब हमें विपक्ष की सोच से निकलकर सत्तारूढ़ दल वाली सोच बनानी होगी। जनधन योजना, 12 रुपये में बीमा, किसान बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड ....जैसी योजनाओं का ढिंढोरा नहीं पीटा। हम ईमानदारी व बिन भ्रष्टाचार केंद्र सरकार काम कर रहे हैं। यह जनता के बीच जाकर बनाना होगा कि हमारे राज में कोई घोटाला नहीं हुआ।
इससे पहले जिला अध्यक्ष ताराचंद अग्रवाल ने वेलकम स्पीच दी। मंच संचालन नंदराम धानिया ने किया। इस अवसर पर युवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गौड, प्रदेश सह मीडिया प्रमुख रीतिक वधवा के अलावा पूर्व विधायक शशि परमार, शंकर धूपड़, ओमप्रकाश बहलवाला, विजय शेखावत, धीरज सैनी, ठाकुर देवेंद्र परमार, प्रो.छत्तर सिंह चौहान, जोगेंद्र तंवर, रविंद्र बापोड़ा, बाबूलाल स्वामी, रमेश लालावास, बिल्लू ठेकेदार, विजय कुमार, बाबूलाल यादव, कर्मबीर पूर्णपुर, सतीश चांग, प्रकाश चांग आदि मौजूद रहे।
सवालों के जवाब से बचते रहे वीके सिंह
विवादास्पद बयानों से सुर्खियों में रहे केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बेहद नपे-तुले अंदाज में बात की। बात शुरू करने से पहले ही मीडिया को आगाह करना नहीं भूले कि यदि आड़े-तिरछे शब्द हों तो उनका मतलब दोबारा मेरे से पूछ लेना। पाकिस्तान से जुड़े सवाल यह कहकर टाल गए कि इन सारी बातों पर विदेश विभाग के प्रवक्ता बोल ही चुके हैं। काले धन पर बोले, ऐसा कोई बटन नहीं है, जिसे दबाते ही काला धन आ जाएगा।
बैठक में इन लोगों ने पूछे सवाल
बैठक में केंद्रीय मंत्री से पूछे गए सवाल पार्टी की नीतियों के बजाय व्यक्तिगत रहे। देवेंद्र सिंह ने पासपोर्ट, केलंगा के आनंद ने मोबाइल कंपनियों के रोमिंग फ्री और बोगस पोलिंग रोकने की मांग की। महेंद्रगढ़ से आए सूबेदार कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि वे सर्विस में हैं या फिर रिटायर हो गए। इस सवाल पर पूर्व आर्मी चीफ ने अचरज किया और बोले आप अपने कागज मुझे दे दो। वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अकाउंट विभाग अपना काम कर रहा है। काम जल्द पूरा होगा और इसके बाद ओआरओपी लागू हो जाएगा।
पार्टी के पदाधिकारियों की शिकायत की
घुसकानी गांव के कुलदीप दलाल ने शिकायत रखी कि कुछ लोग पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी वर्कर तक नहीं पहुंचाते। आपके कार्यक्रम की सूचना उन्हें नहीं मिली। हमारे यहां ऐसे हाल हैं और बात हो रही विपक्ष से लड़ने की।