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Bhiwani News: किराये के भवन में तैयार हो रहे अर्जुन, 37 साल से नहींं खुद का भवन

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भिवानी। किराये के भवन पर भारतीय खेल प्राधिकरण अर्जुन तैयार कर रहा है। पिछले 37 साल से भारतीय खेल प्राधिकरण के पास खुद का भवन नहीं है। देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की झोली में पदक डाल चुके खिलाड़ियों का विश्व भर में नाम है। यहां खेल प्रशिक्षक रह चुके कोच भी गुरु द्रोणाचार्य अवाॅर्ड से नवाजे जा चुके हैं। बावजूद इसके साई में खिलाड़ियों का खेल कोटा घट गया है। पहले यहां सौ सीटें थीं, मगर अब यहां 60 सीटें हैं।
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हरियाणा में 1986 में भिवानी में पहला भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र खोला गया था। इसी के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में साई के प्रशिक्षण केंद्र खुले। बावजूद इसके पहला प्रशिक्षण केंद्र होने के बावजूद आज भी इसके पास खुद का भवन नहीं है। दरअसल, भिवानी के सेठ किरोड़ीमल पार्क के समीप साई प्रशिक्षण केंद्र किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्ति के भवन में चल रहा है। 1954 में यहां पहले बीएड कॉलेज की कक्षाएं लगती थीं। इसके बाद भिवानी को साई केंद्र घोषित होने के बाद 1986 से यहां केंद्र की शुरुआत की गई। तब से लेकर आज तक यहां राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज, पहलवान और एथलीट तैयार होते रहे हैं।
इनके नाम की धमक आज भी विश्वभर में गूंज रही है। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र भी यहीं के मुक्केबाज हैं और गुरु द्रोणाचार्य अवाॅर्डी जगदीश सिंह यहां खेल प्रशिक्षक रह देश को कई नामी अंतर राष्ट्रीय मुक्केबाज दे चुके हैं। साई के पहलवानों ने भी विश्वभर में दम दिखाया है। एथलीट भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर यहां की शान बढ़ा चुके हैं। संवाद
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भारतीय खेल प्राधिकरण कर रहा भूमि की तलाश

भारतीय खेल प्राधिकरण अथॉरिटी भिवानी में साई को खुद का भवन दिलाने के लिए भूमि की तलाश कर रहा है। पहले भी साई हॉस्टल निर्माण के लिए कई जगह भूमि चिह्नित की गई, लेकिन उसे अथॉरिटी ने सिरे से नकार दिया। अभी भी भूमि को लेकर तलाश खत्म नहीं हुई है। जबकि किराये के भवन के बावजूद खिलाड़ियों के लिए यहां सभी मूलभूत जरूरतें मुहैया कराई जा रही हैं। पिछले पांच सालों में साई के खिलाड़ियों के लिए ढांचागत सुविधाओं में विस्तार हुआ है। वहीं खेल प्रशिक्षकों की कमी भी पूरी हुई है।


खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्र से भी साई में काफी खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सेना के अधिकारी भी भारतीय खेल प्राधिकरण के होनहार खिलाड़ियों का चयन कर ले जाते हैं। खेल प्राधिकरण का प्रशिक्षण केंद्र लीज पर चल रहा है। लेकिन यहां खिलाड़ियों के लिए सभी पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं और खेल संसाधन मुहैया कराए गए हैं। हाल ही में चल रही जूनियर एशियन चैंपियनशिप में साई के सिकंदर ने कांस्य पदक पक्का किया है।
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-कुलदीप कुमार, इंचार्ज भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र भिवानी।
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