भिवानी। बैप्टिस्ट मिशनरी सोसायटी भूमि विवाद प्रकरण में मुंबई से गिरफ्तार किए 25 हजार के इनामी आरोपी सतीश जॉर्ज को एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार की टीम ने भिवानी न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे एंटी करप्शन ब्यूरो ने न्यायालय से छह दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया है। इस दौरान आरोपी से सरकारी भूमि प्रकरण से जुड़े अहम सवालों से पर्दा उठाया जाएगा और मामले से जुड़े अहम राज भी उगलवाए जाएंगे।
इस प्रकरण में अब भी भिवानी तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क विकास सहित अन्य अहम आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है। सतीश जार्ज पर उज्जैन में भी बैप्टिस्ट मिशनरी की सरकारी भूमि को बेचने के मामले में धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह की टीम ने बैप्टिस्ट मिशनरी भूमि प्रकरण मामले में भिवानी सीआईए द्वारा मुंबई से पकड़कर लाए गए इनामी आरोपी सतीश जॉर्ज को वीरवार सुबह भिवानी न्यायालय में पेश किया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे भिवानी में बैप्टिस्ट मिशनरी की बेशकीमती भूमि को बेचने की कोशिश के अहम आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। इस पर न्यायालय से सतीश जॉर्ज का छह दिन का पुलिस रिमांड मिला है। इस दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो टीम सतीश जॉर्ज से जाली दस्तावेज तैयार कराए जाने के साथ-साथ मिशनरी की भूमि बिक्री मामले से जुड़े कई अहम सवाल किए जाएंगे। इस प्रकरण में कौन-कौन लोग शामिल रहे और बिक्री कराने में किन लोगों ने साथ दिया। कोई राजनेता का नाम भी शामिल है या किन अधिकारियों की भूमिका इस प्रकरण में रही है। इस बारे में पूछताछ होगी।
बता दे कि सतीश जाॅर्ज खुद को बीएमएससी यानी बैप्टिस्ट मिशनरी सोसायटी कारपोरेशन का पदाधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था। इसमें पावर ऑफ अटॉर्नी बनकर करोड़ों की बेशकीमती भूमि का अधिकारियों से मिलीभगत कर कौड़ियों में सौदा तय कर बेच डालता था। उज्जैन में भी कुछ इसी तरह के कारनामे उजागर हुए तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज हुए। जिसके बाद भिवानी में भी बैप्टिस्ट मिशनरी की हांसी गेट पर बेशकीमती भूमि को बेचने की कोशिश की गई। इसमें कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी।
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बैप्टिस्ट मिशनरी सोयायटी भूमि प्रकरण में आरोपी सतीश जॉर्ज को न्यायालय से छह दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया है। इस दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आरोपी से कुछ अहम सवालों को लेकर पूछताछ करेगी। इस मामले में अभी रजिस्ट्री क्लर्क विकास सहित कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है।
-इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, जांच अधिकारी, एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार मुख्यालय।